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‘हजारों में एक शूरवीर…’ पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए सेना के शौर्य को किया नमन

PM Modi On Beating Retreat Ceremony: पीएम मोदी ने बीटिंग रिट्रीट से पहले सेना के लिए संस्कृत श्लोक शेयर किया. आज शाम विजय चौक पर राष्ट्रपति और पीएम की मौजूदगी में होगा गणतंत्र दिवस का समापन.

PM Modi On Beating Retreat Ceremony

PM Modi On Beating Retreat Ceremony: गणतंत्र दिवस समारोह 2026 का औपचारिक समापन आज, 29 जनवरी (गुरुवार) को ऐतिहासिक ‘बीटिंग रिट्रीट’ (Beating Retreat) सेरेमनी के साथ होगा. रायसीना हिल्स और विजय चौक आज शाम भारतीय संगीत और सैन्य अनुशासन के अद्भुत संगम का गवाह बनेंगे. इस खास मौके से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सेना के जवानों के प्रति देश का आभार और गर्व व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने लिखा-

‘आज शाम बीटिंग रिट्रीट का आयोजन होगा. यह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक है. इसमें भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति दिखाई देगी. देश की रक्षा में समर्पित अपने सशस्त्र बलों पर हमें अत्यंत गर्व है.’

प्रधानमंत्री ने दिया विजय का मंत्र

पीएम मोदी ने अपने संदेश के साथ एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जो एक योद्धा के विवेक और वीरता को परिभाषित करता है. उन्होंने संस्कृत के श्लोक (एको बहूनामसि मन्य ईडिता विशं विशं युद्धाय सं शिशाधि. अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्मसि) बोला. इसका अर्थ है हे वीर! तुम्हारा क्रोध विवेकपूर्ण होना चाहिए. तुम हजारों में एक शूरवीर हो. सम्मान के साथ अपने लोगों को शासन करना और युद्ध करना सिखाओ. हम तुम्हारे साथ विजय प्राप्ति के लिए जयघोष करना चाहते हैं.

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति रहेंगे मौजूद

आज शाम विजय चौक पर होने वाले इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे. भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के बैंड अपनी मनमोहक धुनों से समां बांधेंगे.

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‘बीटिंग रिट्रीट’ पुरानी सैन्य परंपरा

पुराने जमाने में सूर्यास्त के समय जब ‘रिट्रीट’ की बिगुल बजती थी, तो सैनिक युद्ध रोककर, तलवारें म्यान में रखकर अपने शिविरों (Camps) में लौट जाते थे. यह सेरेमनी उसी घर वापसी और शांति का प्रतीक है.



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