Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई. पुलिस जांच में अब कई अहम सुराग सामने आए हैं, जिनमें संदिग्ध कार की बरामदगी, फर्जी नंबर प्लेट और हमले की पहले से की गई तैयारी शामिल हैं.
संदिग्ध कार बरामद
पुलिस ने उस कार को जब्त कर लिया है जिसे हमले में इस्तेमाल किया गया था. कार पर सिलीगुड़ी का नंबर प्लेट लगा था लेकिन जांच में यह नकली निकला. डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने पुष्टि की कि नंबर प्लेट फर्जी थी. घटनास्थल से जिंदा कारतूस और गोलियों के खोखे भी मिले हैं. अब पुलिस इस गाड़ी के जरिए हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
हमले की पूरी कहानी
चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने रथ की कार का लंबे समय तक पीछा किया. मध्यमग्राम के दोहरिया-जेसोर रोड पर उनकी गाड़ी को रोका गया. जैसे ही रथ ने गाड़ी धीमी की, हमलावरों ने विंडशील्ड पर फायरिंग की और फिर सीधे उन्हें निशाना बनाया. गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इस हमले में उनके पीएस बुद्धदेव और ड्राइवर भी घायल हुए.
हमलावरों की रणनीति
जांच में सामने आया है कि हमलावर कार और बाइक दोनों से आए थे. पहले चार पहिया वाहन ने रथ की कार को रोका फिर बाइक सवारों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. पुलिस को शक है कि सभी वाहनों पर नकली नंबर प्लेट लगी थीं.
क्या प्री-प्लान्ड मर्डर है?
पुलिस को मिले सुराग बताते हैं कि यह हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था. इलाके की रेकी, फर्जी नंबर प्लेट और भागने का रास्ता पहले से तय था. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी इसे टारगेटेड किलिंग बताया और कहा कि हमलावरों ने 2-3 दिन तक रेकी की थी.
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी और निजी सहायक थे. वे भारतीय वायुसेना में कार्यरत रह चुके थे और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए. भवानीपुर सीट पर चुनाव के दौरान भी उनकी अहम भूमिका रही थी.
राजनीतिक घमासान
इस हत्या के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है. बीजेपी ने टीएमसी पर आरोप लगाया और विधायक कौस्तव बागची ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की. अमित मालवीय ने इसे सुनियोजित हत्या बताया. वहीं टीएमसी ने घटना की निंदा करते हुए कोर्ट मॉनिटरिंग में सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि उनके कार्यकर्ता भी हिंसा का शिकार हुए हैं.
अस्पताल के बाहर हंगामा
हत्या के बाद अस्पताल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुट गई. ‘हमें इंसाफ चाहिए’ जैसे नारे लगे. सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. सुवेंदु अधिकारी खुद अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की.
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और तकनीकी सबूतों के आधार पर हमलावरों की पहचान में जुटी है. जब्त कार से जुड़े नेटवर्क की जांच हो रही है. यह भी देखा जा रहा है कि हमला सिर्फ व्यक्तिगत टारगेट था या इसके पीछे बड़ी राजनीतिक साजिश है.
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सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने बंगाल में चुनाव बाद की हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फर्जी नंबर प्लेट, सुनियोजित हमला और फरार हमलावर ये सभी संकेत इस केस को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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