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स्कूलों की छुट्टी, भारी सुरक्षा: अब भोपाल में क्यों शरू हो गया किसानों का प्रदर्शन?

Bhopal Kisan Andolan 2026: संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हजारों किसानों ने भोपाल में ‘किसान क्रांति’ मार्च निकालकर 100% MSP पर मूंग खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की. आंदोलन के चलते होशंगाबाद रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लगा, जबकि सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा रही.

Bhopal Kisan Andolan 2026

Bhopal Kisan Andolan 2026

Bhopal Kisan Andolan 2026: भोपाल में मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में निकाले गए ‘किसान क्रांति’ मार्च ने राजधानी की रफ्तार थाम दी. हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर होशंगाबाद रोड पर एकत्र हुए, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा. प्रदर्शनकारी सरकार से इस सीजन की ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं.

मंत्री से बातचीत के बाद सड़क पर उतरे किसान

आंदोलन से पहले किसान प्रतिनिधिमंडल और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका. इसके बाद किसानों ने मार्च निकालकर सरकार पर दबाव बनाया. हालांकि कृषि मंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश का मूंग खरीदी लक्ष्य 4.54 लाख टन से बढ़ाकर 8.06 लाख टन करने की मांग की है. इस वर्ष मध्य प्रदेश में करीब 20.16 लाख टन मूंग उत्पादन का अनुमान है.

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खाद व्यवस्था और बिजली भी बड़े मुद्दे

किसानों की मांग केवल मूंग खरीदी तक सीमित नहीं है. प्रदर्शनकारी खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने, कम बारिश के दौरान पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने और भावांतर योजना खत्म करने की भी मांग कर रहे हैं. वहीं, खाद वितरण की ‘ई-विकास’ प्रणाली को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है. कोर्ट ने इसे कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार का नीतिगत फैसला बताया है, जबकि किसान तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर इसका विरोध कर रहे हैं.

जाम से शहर बेहाल, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

बरखेड़ा से शुरू हुए मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने सीएसआईआर-एंप्री तिराहे से लेकर बागसेवनिया तक भारी पुलिस बल तैनात किया. कई स्थानों पर किसानों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की और सड़क पर ही भोजन बनाकर विरोध दर्ज कराया. ट्रैफिक को AIIMS, कटारा हिल्स और मंडीदीप मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया, शहर के जिससे शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग गया. किसान नेताओं ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा और आगे इसे और व्यापक बनाया जाएगा.

भारत एक्सप्रेस



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