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बिहार के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: अब ऑनलाइन होगी विद्यार्थियों की हाजिरी, हर क्लास की फोटो भी होगी अपलोड

बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है. इसी दिशा में अब सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की तरह विद्यार्थियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज करने की योजना बनाई गई है.

nitish kumar

नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है. इसी दिशा में अब सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की तरह विद्यार्थियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज करने की योजना बनाई गई है. शिक्षा विभाग ने इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले छह जिलों—पटना, नालंदा, वैशाली, जहानाबाद, सारण और भोजपुर—में लागू करने का निर्णय लिया है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे पूरे राज्य में लागू करने पर विचार किया जाएगा.

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने गुरुवार को इस संबंध में सभी संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया. निर्देशों के अनुसार, शुरुआत में कक्षा तीन के विद्यार्थियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी. इस व्यवस्था के तहत चयनित विद्यालयों को टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा, और इन टैबलेट्स के माध्यम से छात्रों की उपस्थिति ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड की जाएगी.

इसके अतिरिक्त, कक्षा की एक तस्वीर भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. इस योजना के तहत बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा पांच सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों (तीन मध्य विद्यालय और दो प्राथमिक विद्यालय) का चयन किया जाएगा.

10 फरवरी से शुरू होगी योजना

इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत 10 फरवरी से होगी. चयनित विद्यालयों में कक्षा तीन के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम भी शिक्षक टैबलेट के जरिए अपलोड करेंगे. साथ ही, हर महीने के अंत में पूरे किए गए पाठ्यक्रम का विषयवार विवरण भी ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा.

मध्याह्न भोजन का प्रमाण पत्र भी होगा अनिवार्य

इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने बुधवार को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) खाने वाले विद्यार्थियों की संख्या का प्रतिदिन प्रमाण पत्र तैयार किया जाए. इस प्रमाण पत्र पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित उपस्थित सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे.

अगर कोई शिक्षक प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करता है, तो उसे अनुपस्थित माना जाएगा. इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली से विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा.


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-भारत एक्सप्रेस



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