ऑपरेशन सिंदूर पर सेना के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया सामने आई है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च नेतृत्व की ओर से इस सफल अभियान पर अपना दृष्टिकोण साझा किया.
हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ द्वारा आयोजित विचार-विमर्श में वेटरन्स और रक्षा विश्लेषकों के साथ मिलकर इस अभियान की रणनीति, निष्पादन और भविष्य की रक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई. सेना प्रमुखों ने बताया कि यह अभियान नई सामरिक सोच, संयुक्तता और आधुनिक तकनीक के तालमेल का परिणाम था.
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर कोई तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं था, बल्कि यह भारत की रणनीतिक नीति का सटीक और नियंत्रित प्रदर्शन था. उन्होंने बताया कि कैसे स्पष्ट सामरिक दिशा-निर्देशों के तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना ने पूरी एकजुटता से अभियान को अंजाम दिया.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इसे सैन्य समन्वय और आधुनिक युद्ध कौशल का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि यह संदेश था कि भारत अब किसी भी आतंकी चुनौती का सीधे और निर्णायक तरीके से जवाब देगा.
नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी ने समुद्री मोर्चे पर पूरी तरह मुस्तैद रहने की जानकारी दी, जबकि वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने बताया कि वायुसेना ने सीमित समय में सटीक और प्रभावी कार्रवाई की.
सभी सैन्य प्रमुखों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने केवल एक आतंकवादी चुनौती का जवाब नहीं दिया, बल्कि एक नई सैन्य नीति का सफल क्रियान्वयन किया. यह अभियान भविष्य के लिए भारत की तैयारियों और संकल्प का प्रमाण है.
-भारत एक्सप्रेस
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