बिहार की सियासत और आम जनता के लिए आज (मंगलवार) का दिन बेहद खास रहा है. वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में जब साल 2026-27 का बजट पेश किया, तो भविष्य के ‘विकसित बिहार’ का एक नया रोडमैप सामने आया. इस बजट को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कह दिया है कि यह महज आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि एक विकसित बिहार बनाने की ओर हमारा सबसे बड़ा संकल्प है.
क्या है इस बजट में खास?
इस बार बिहार सरकार ने अपनी झोली काफी बड़ी रखी है. कुल बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 30 हजार करोड़ रुपये अधिक है. मुख्यमंत्री का मानना है कि राज्य की विकास दर इस साल 14.9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो यह दर्शाता है कि बिहार अब रफ्तार पकड़ चुका है.
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इस बजट को ‘न्याय के साथ विकास’ का प्रतीक बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बजट में समाज के हर तबके चाहे वो किसान हो, नया बिजनेस शुरू करने वाला उद्यमी, या भविष्य संवारने वाला युवा सबका ध्यान रखा गया है.
युवाओं और महिलाओं के लिए ऐलान
सबसे ज्यादा चर्चा युवाओं को मिलने वाले रोजगार की हो रही है. सरकार ने अगले 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का जो बड़ा लक्ष्य रखा था, उसे अमलीजामा पहनाने के लिए इस बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं. सीएम ने कहा कि संसाधनों का सही मैनेजमेंट करके नियुक्तियों का सिलसिला शुरू भी हो चुका है.
वहीं, महिलाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के रूप में एक बड़ी सौगात दी गई है. इसके तहत घर की एक महिला को अपना काम शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. यह कदम सीधे तौर पर घर-घर में खुशहाली और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश है.
सात निश्चय-3 और बुनियादी ढांचा
नीतीश सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रमों को इस बजट से नई जान मिलेगी. शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती ये तीन ऐसे क्षेत्र हैं जहां बिहार ने पहले भी काम किया है, लेकिन अब इन्हें आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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