Bihar Politics News: पटना/आशुतोष: बिहार में सरकार गठन के करीब दो सप्ताह बीत जाने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार न होना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है. विपक्ष जहां बीजेपी और जेडीयू के अंदरूनी खींचतान बता रहा है, वहीं जानकारों की नजर में पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और नीतीश के बेटे निशांत फैक्टर भी देरी की वजह है. वहीं जेडीयू विपक्ष के सारे आरोपों को निराधार बता रही है.
रुकावट के तीन मुख्य कारण (Bihar cabinet expansion)
सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी की तीन वजहें हैं. ऐसे ही कुछ पेंच की वजह से मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी को विपक्ष ने अब मुद्दा बना दिया है.
- पहला, परिपाटी के अनुसार जिस पार्टी का मुख्यमंत्री रहा है उसके मंत्रियों की संख्या कम रही है.
- दूसरा, पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को मंत्रालय में कैसे एडजस्ट किया जाए.
- तीसरी वजह है कि जेडीयू कोटे से पुराने मंत्रियों को रिपीट किया जाए या निशांत कुमार के चहेते कुछ युवा विधायकों को कैसे जगह दी जाए.
विपक्ष ने कहा- सरकार को जनता से मतलब नहीं (Opposition On Bihar cabinet)
बिहार में सरकार गठन के करीब दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो सका है, जिससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के पास 18 विभागों की जिम्मेदारी है. विपक्ष इसको एक मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रहा है और आरोप लगा रहा है कि सरकार को जनता और विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है.
हाई कमान का हस्तक्षेप
वहीं जानकारों की मानें तो बिहार में बीजेपी की सरकार पहली बार बनी है और बीजेपी हाई कमान का मंत्रालय के बंटवारे में हस्तक्षेप सामान्य प्रक्रिया है. बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अभी बंगाल चुनाव में व्यस्त है. पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और निशांत फैक्टर भी देरी की वजह बना हुआ है.
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जेडीयू ने विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार
हालांकि, आरजेडी के सारे आरोपों को जेडीयू निराधार बता रही है. जेडीयू प्रवक्ता निहोरा प्रसाद यादव का दावा है कि NDA के बड़े नेता जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल कर फैसला लेंगे. हालांकि, अब देखना होगा इस सस्पेंस से सर्माट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) कब तक पर्दा उठाते हैं और कैसे बिहार में नई कैबिनेट का गठन करते हैं.
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