Bihar Election 2025: विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने बुधवार को मुजफ्फरपुर में एक जनसभा को संबोधित किया. इस रैली में उनके साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूद थे. दोनों नेताओं का एक मंच पर आना महागठबंधन की एकजुटता का संदेश था. साथ ही तेजस्वी ने इस मौके को अपने विरोधियों को जवाब देने के लिए भी इस्तेमाल किया. खासकर उन लोगों को जवाब दिया जो आरजेडी पर जंगलराज का ठप्पा लगाते हैं.
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो कोई भी गलत काम करेगा, चाहे वह अपना हो या पराया, उसे जेल जाना होगा. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर वह खुद भी कोई गलत काम करते हैं तो उन्हें भी सजा मिलेगी.
आरजेडी पर जंगलराज का आरोप
एनडीए लंबे समय से आरजेडी पर जंगलराज का आरोप लगाता रहा है. पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह कई बार कह चुके हैं कि अगर बिहार में आरजेडी की सरकार आई तो फिर से जंगलराज लौट आएगा. वे लालू परिवार को घोटालों और अपराध से जोड़ते हैं और कहते हैं कि आरजेडी के नेता जमानत पर बाहर हैं.
दाग को मिटाने की कोशिश में तेजस्वी
तेजस्वी यादव अब इसी दाग को मिटाने की कोशिश में जुटे हैं. वह चाहते हैं कि आरजेडी की छवि बदले और लोग समझें कि अब पार्टी में नई सोच और नया नेतृत्व है. उन्होंने कहा कि बिहार को भ्रष्टाचार और अपराध से मुक्त करना उनका लक्ष्य है. तेजस्वी ने वादा किया कि उनकी सरकार टूटे-फूटे या झूठे वादे नहीं करेगी बल्कि जो कहा जाएगा, उसे पूरा किया जाएगा.
हर घर नौकरी देने का वादा
तेजस्वी युवाओं को रोजगार देने की बात करते हैं. उन्होंने हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है. उनका कहना है कि नया बिहार ऐसा होगा जहां युवा बेरोजगार नहीं होंगे और उन्हें दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए नहीं जाना पड़ेगा. वह चाहते हैं कि बिहार अब अपराध के लिए नहीं विकास के लिए जाना जाए.
जंगलराज की परिभाषा
तेजस्वी ने जंगलराज की परिभाषा भी दी. उन्होंने कहा कि जब राज्य में घोटाले हो रहे हों और कोई कार्रवाई न हो रही हो तो वही जंगलराज होता है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का हवाला दिया जिसमें नीतीश कुमार के 55 घोटालों का जिक्र किया गया था. तेजस्वी ने पूछा कि इन घोटालों पर क्या कार्रवाई हुई?
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब एक मंत्री पत्रकार को पीटता है, गाली देता है, कपड़े फाड़ता है, कैमरा छीनता है तो क्या वह जंगलराज नहीं है? तेजस्वी अब उसी शब्द को एनडीए के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं जो कभी आरजेडी के खिलाफ गढ़ा गया था.
युवाओं के नेता के तौर पर पेश
तेजस्वी यादव खुद को युवाओं के नेता के तौर पर पेश कर रहे हैं. वह नई सोच, साफ नीयत और मजबूत इरादों की बात कर रहे हैं. अब देखना यह है कि जनता उनके इन वादों और दावों पर कितना भरोसा करती है. इसका जवाब 14 नवंबर को चुनावी नतीजों में मिल जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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