Bihar News: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मंगलवार से ‘बिहार अधिकार यात्रा’ की शुरुआत जहानाबाद से कर दी है. यह यात्रा 16 से 20 सितंबर तक चलेगी और इसका समापन वैशाली जिले में होगा जो तेजस्वी का खुद का निर्वाचन क्षेत्र भी है. इस यात्रा के जरिए तेजस्वी राज्य के कई जिलों का दौरा करेंगे जिसमें नालंदा, बेगूसराय, पटना, खगड़िया, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा और समस्तीपुर शामिल हैं.
लोगों से यात्रा में जुड़ने की अपील
तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए लोगों से इस यात्रा में जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ उनके लिए नहीं है बल्कि बिहार के युवाओं, महिलाओं और आम जनता के अधिकारों की बात करने के लिए है. उनका फोकस रोजगार, महिला सुरक्षा और राज्य की समृद्धि पर रहेगा.
नया बिहार बनाने के संकल्प के साथ कल से “बिहार अधिकार यात्रा” की शुरुआत होगी। बिहार में उद्योग-धंधे स्थापित करने, नए अवसर प्रदान करने व स्थायी नौकरी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, चहुमुखी विकास और रोजगार सुनिश्चित करने के अधिकार की यात्रा है।
आइए नई सोच, नई… pic.twitter.com/vvf5dgKFff
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 15, 2025
तेज प्रताप यादव कहां से लड़ेंगे चुनाव?
वैशाली जिले में महुआ विधानसभा सीट भी आती है जहां से पहले उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव विधायक थे तेज प्रताप ने हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद फिर से इस सीट से चुनाव लड़ने की बात कही है.
यात्रा को लेकर सियासी हलचल तेज
इस यात्रा को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है. NDA के सूत्रों का दावा है कि वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने से परहेज किया जिससे तेजस्वी नाराज हुए और अब ‘बिहार अधिकार यात्रा’ के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं.
क्या है यात्रा का मकसद?
राज्यसभा सांसद संजय यादव ने बताया कि वोटर अधिकार यात्रा का मकसद मतदाता सूची में गड़बड़ी को उजागर करना था जबकि बिहार अधिकार यात्रा तेजस्वी यादव के लिए जनता से सीधे जुड़ने का एक और मौका है. उनका कहना है कि तेजस्वी की सबसे बड़ी ताकत जनता से जुड़ाव है.
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-भारत एक्सप्रेस
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