रिपोर्ट- नीरज कुमार
बिहार के कुछ जिलों में अदालतों को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. इसी कड़ी में सहरसा जिले के व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सर्च अभियान चलाया गया और मॉकड्रिल का आयोजन किया गया. यह मॉकड्रिल पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा जा सके.
पुलिस का मॉकड्रिल
सायरन के गूंज के साथ भारी संख्यां में पुलिस बल सहरसा व्यवहार न्यायालय में प्रवेश करते नजर आ रहे हैं. लोगों को कोर्ट के अंदर से बाहर निकाला जा रहा है. अचानक हुई पुलिस कार्रवाई को देखकर अफरातफरी का माहौल हो गया. हालांकि मौके पर मौजूद एसडीपीओ ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि राज्य के विभिन्न कोर्ट को उड़ाने की धमकी को लेकर एतिहात के तौर पर एसपी के निर्देश पर कोर्ट परिसर में पुलिस के द्वारा मॉकड्रिल किया जा राह है.
एसडीपीओ ने कहा कि राज्य के विभिन्न न्यायालयों को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है. इसी क्रम में कोर्ट परिसर में मॉकड्रिल कर यह देखा गया कि आपात स्थिति में पुलिस, प्रशासन और न्यायालय के कर्मचारी कितनी तेजी और समन्वय के साथ काम कर सकते हैं.
ये भी पढ़ें: 300 करोड़ का जमीन घोटाला! झारखंड में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 17 लोगों की हुई गिरफ्तार
जज ने क्या कहा?
वही पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए जज इंचार्ज रजिस्ट्रार ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य है हम सभी लोग सतर्क रहे और जागरूक रहे और सतर्कता ही वो सीढ़ी है जिससे हमलोग सुरक्षा की ओर बढ़ते है. यह मॉकड्रिल बहुत जरूरी था कोर्ट की सुरक्षा के लिए क्योंकि पूरे जिला से सबसे ज्यादा सिटीजन जो आते है वो कोर्ट परिसर में ही आते है. सिटीजन, अधिवक्ता एवं न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए यह मॉकड्रिल बहुत की आवश्यक था. इस तरह का मॉकड्रिल रेगुलर होते रहना चाहिए कोर्ट परिसर में ताकि सुरक्षा यहां की बनी रहे.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
