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अमृतसर से चंडीगढ़ तक छापा, बिक्रम सिंह मजीठिया के पीछे क्यों पड़ी है पुलिस?

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी अभियान शुरू किया है. FIR नंबर 91 से जुड़े मामले में गठित SIT कार्रवाई कर रही है, जबकि अकाली दल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है…

पंजाब की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस ने अमृतसर से लेकर राजधानी चंडीगढ़ तक एक बहुत बड़ा और आक्रामक धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया है.

मजीठिया के अमृतसर स्थित ग्रीन एवेन्यू आवास और चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल समेत करीब 6 से ज्यादा संभावित ठिकानों पर भारी पुलिस बल तैनात करके लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस विभाग ने मजीठिया की तत्काल गिरफ्तारी के लिए एक स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) का भी गठन कर दिया है.

आखिर क्या है FIR नंबर 91 का सच?

राजनीतिक गलियारों में यह बड़ा सवाल तैर रहा है कि आखिर पुलिस अचानक मजीठिया के पीछे हाथ धोकर क्यों पड़ गई है? दरअसल, यह पूरी कार्रवाई मजीठा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 91 के तहत की जा रही है. पुलिस के अनुसार, शनिवार को पुलिस ने जॉबनप्रीत नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था.

आरोप है कि रविवार सुबह करीब 11:30 बजे बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में 50 से 60 लोगों की एक भारी भीड़ ने मजीठा थाने पर जबरन धावा बोल दिया. भीड़ ने थाने के कमरों की तलाशी ली, केस फाइलें फाड़ दीं, ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और आरोपी को लॉकअप से जबरन छुड़ाने का प्रयास किया.

एसपी आदित्य वारियर ने खोला मोर्चा

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के तहत अमृतसर देहात के एसपी आदित्य वारियर भारी पुलिस फोर्स के साथ मजीठिया के पुश्तैनी आवास पर रेड करने पहुंचे थे. डीसी कार्यालय में आयोजित एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी आदित्य वारियर ने बताया, “हम मजीठिया को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से उनके आवास पर पहुंचे थे.

वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे, लेकिन मजीठिया घर पर मौजूद नहीं मिले.” एसपी ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा राजनेता क्यों न हो. पुलिस की टीमें लगातार उनके करीबियों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और वे जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे.

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‘आप’ सरकार की हताशा या कानून का डंडा?

मजीठिया के खिलाफ हुए इस मेगा एक्शन के बाद अकाली दल पूरी तरह से हमलावर हो गया है. मजीठिया की बहन और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए इसे ‘पॉलिटिकल वेंडेटा’ (राजनीतिक द्वेष) करार दिया है.

हरसिमरत ने आरोप लगाया कि चुनाव में मिली करारी हार और घटते वोट शेयर की हताशा में सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है. बहरहाल, बॉर्डर स्टेट पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है और मजीठिया की तलाश में अमृतसर से चंडीगढ़ तक का पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो चुका है.

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-भारत एक्सप्रेस



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