Bharat Express DD Free Dish

मतभेद भुलाकर पर्यटन मंत्री ने छुए पूर्व डिप्टी सीएम के पैर, छत्तीसगढ़ में पेश हुई राजनीतिक संस्कार की बड़ी मिशाल

छत्तीसगढ़ की राजनीति में जहां तीखे बयान और विरोध आम बात है, वहीं एक ऐसा दिल छू लेने वाला दृश्य सामने आया जिसने सभी को प्रभावित कर दिया है . प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के प्रति गहरा सम्मान दिखाया है.

रिपोर्ट-सुनील सिंह


छत्तीसगढ़ की राजनीति में जहां तीखे बयान और विरोध आम बात है, वहीं एक ऐसा दिल छू लेने वाला दृश्य सामने आया जिसने सभी को प्रभावित कर दिया है . प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के प्रति गहरा सम्मान दिखाया है. यह घटना इसलिए खास है क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनाव में अग्रवाल ने सिंहदेव (TS Singhdeo) को महज 94 वोटों से हराकर अंबिकापुर सीट जीती थी. चुनावी कड़वाहट को पीछे छोड़कर दोनों नेताओं ने शिष्टाचार और पारंपरिक मूल्यों की मिसाल पेश की.

चुनावी प्रतिद्वंद्विता से परे सम्मान

दरअसल, 2023 में अंबिकापुर सीट पर राजेश अग्रवाल और टीएस सिंहदेव के बीच कड़ी टक्कर हुई थी. अग्रवाल पहले कांग्रेस में थे और सिंहदेव के करीबी माने जाते थे जो 2017 में भाजपा में शामिल हो गए थे। चुनाव में जीत के बाद भी अग्रवाल ने सिंहदेव के प्रति सम्मान बनाए रखा. वहीं नामांकन के समय भी उन्होंने सिंहदेव के पैर छुए थे. अब छत्तीसगढ़ भवन में दोनों अलग-अलग कमरों में ठहरे हुए थे. जब अग्रवाल को पता चला कि सिंहदेव पास में कांग्रेस नेताओं के साथ हैं, तो उन्होंने तुरंत मिलने का फैसला किया.

यह भी पढ़ें:

सोमनाथ में पीएम मोदी का ‘स्वाभिमान’ शंखनाद; गजनी के हमले के 1000 साल बाद शौर्य यात्रा में हुए शामिल

पैर छूकर व्यक्त किया आदर

मुलाकात के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने हाथ जोड़कर विनम्रता से सिंहदेव (TS Singhdeo) के पैर छुए और उनका अभिवादन किया. इसी तरह बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी सार्वजनिक रूप से सिंहदेव के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का कुशल-क्षेम पूछा और सौहार्दपूर्ण बातचीत की. यह दृश्य राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे राजनीतिक संस्कार की जीती-जागती मिसाल बताया.

राजनीतिक शिष्टाचार की यादगार मिसाल

यह मुलाकात साबित करती है कि वैचारिक मतभेद व्यक्तिगत सम्मान को प्रभावित नहीं करते.जीत-हार के बाद भी बुजुर्ग नेता के प्रति आदर दिखाना भारतीय संस्कृति की खूबसूरती है. इसको लेकर मंत्री अग्रवाल ने कहा कि सिंहदेव जैसे अनुभवी नेता सभी के लिए प्रेरणा हैं. सिंहदेव ने भी मुस्कुराते हुए इस शिष्टाचार का स्वागत किया.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read