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BRICS मंच पर भारत की कूटनीतिक जीत, घोषणापत्र में पहलगाम से लेकर UNSC तक भारत की बात

BRICS Declaration: दिल्ली घोषणापत्र 2026 में भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं को जगह मिली है. इसमें पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान किया गया.

BRICS issued a declaration.

BRICS ने जारी किया घोषणापत्र

BRICS Declaration: दिल्ली में हुए BRICS सम्मेलन का घोषणापत्र भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत साबित हुआ. इसमें आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को जगह दी गई. पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद के किसी भी रूप पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का ऐलान किया गया. साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की भूमिका को बढ़ाने की बात भी शामिल की गई.

आतंकवाद पर सख्त रुख

BRICS नेताओं ने साफ कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, जातीयता या राष्ट्रीयता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, फंडिंग और सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई गई. समूह ने यह भी कहा कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.

वैश्विक संघर्षों पर चर्चा

घोषणापत्र में मिडिल ईस्ट और रूस‑यूक्रेन युद्ध पर चिंता जताई गई. नेताओं ने संवाद और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने पर जोर दिया. गाज़ा को लेकर युद्धविराम बनाए रखने और मानवीय सहायता पहुंचाने की मांग की गई. साथ ही ‘दो‑देश समाधान’ और फ़िलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता देने का समर्थन किया गया.

अमेरिका की नीतियों पर निशाना

हालांकि अमेरिका इस बैठक का हिस्सा नहीं था, लेकिन उसकी नीतियों पर चर्चा हुई. घोषणापत्र में एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों और टैरिफ की आलोचना की गई. BRICS ने कहा कि ऐसे कदम विकास, खाद्य सुरक्षा और मानवाधिकारों को नुकसान पहुंचाते हैं. यह इशारा साफ तौर पर अमेरिका की पिछली नीतियों की ओर था.

परमाणु खतरे पर चिंता

दस्तावेज में परमाणु संघर्ष के बढ़ते जोखिमों पर भी चिंता जताई गई. ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों और हथियार नियंत्रण ढांचे के कमजोर होने को लेकर असुरक्षा जाहिर की गई.

ग्लोबल साउथ की आवाज

भारत की प्राथमिकताओं में ग्लोबल साउथ को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिलाना भी शामिल था. घोषणापत्र में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने और IMF, विश्व बैंक जैसे संस्थानों में सुधार की मांग की गई. UNSC में भारत और ब्राज़ील की बड़ी भूमिका के लिए चीन और रूस के समर्थन का स्वागत किया गया.

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भारत की कूटनीतिक जीत

कुल मिलाकर दिल्ली घोषणापत्र ने भारत की अध्यक्षता को सफल बनाया. सभी 11 सदस्य देशों की सहमति से पारित होना इस बात का सबूत है कि भारत ने अपनी प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखा और उन्हें स्वीकार भी कराया.

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-भारत एक्सप्रेस



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