BRICS समिट में पुतिन-जिनपिंग के लिए 4 लेयर का सिक्योरिटी प्रोटोकॉल
BRICS Summit 2026 Security Protocol: दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं. खास तौर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा को लेकर राजधानी में बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. दोनों नेताओं के दिल्ली पहुंचने के साथ ही एयरपोर्ट से लेकर उनके ठहरने वाले होटलों और भारत मंडपम तक सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर रहेगी.
व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर की सुबह दिल्ली पहुंच चुके है. साथ ही शी जिनपिंग के 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचने की संभावना है. दोनों नेताओं के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरने के बाद अपने-अपने निर्धारित होटलों में जाने का कार्यक्रम है. पुतिन के आईटीसी मौर्या और शी जिनपिंग के ताज होटल में ठहरने की संभावना को देखते हुए आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
पुतिन के होटल में चार लेयर की सुरक्षा
पुतिन की सुरक्षा के लिए आईटीसी मौर्या में चार स्तर का सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. सबसे अंदर क्लॉज प्रोटेक्शन टीम यानी CPT होगी. यह टीम राष्ट्रपति के बिल्कुल करीब रहकर उनकी सुरक्षा संभालेगी. इसके बाद इनर सिक्योरिटी सर्कल में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे.
तीसरे स्तर यानी मिडिल सर्कल में दिल्ली पुलिस के कमांडो और अर्धसैनिक बलों के जवान मोर्चा संभालेंगे. सबसे बाहरी सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस के पास होगी. होटल के आसपास भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी.
पुतिन के साथ रहेंगे 25-30 कमांडो
रूसी राष्ट्रपति अपने साथ अपनी विशेष सुरक्षा टीम भी लेकर आएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 25 से 30 कमांडो और सुरक्षा अधिकारी हर समय उनके साथ रह सकते हैं. पुतिन के एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के दौरान यह टीम नजदीकी सुरक्षा घेरा बनाए रखेगी.
BRICS में शामिल होने वाले अन्य राष्ट्राध्यक्षों के होटलों में भी इसी तरह सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. इन व्यवस्थाओं की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे. भारत मंडपम की सुरक्षा की कमान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है.
रूट पर भी कड़ी नजर
विदेशी मेहमानों के आने-जाने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा बेहद कड़ी रहेगी. दिल्ली को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर हर सेक्टर की जिम्मेदारी DCP या एडिशनल DCP स्तर के अधिकारियों को दी गई है. एयरपोर्ट से होटल और होटल से भारत मंडपम तक के रूट पर कई बार सुरक्षा रिहर्सल भी की जा चुकी है.
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सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित होटलों के कर्मचारियों का भी सत्यापन कराया है. उनके दिल्ली और गृह राज्यों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई है. विदेशी सुरक्षा दल पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं और आधुनिक हथियारों व उपकरणों के साथ सुरक्षा व्यवस्था में जुटे हैं. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के काफिले बड़े मोटरकेड में शामिल होने की संभावना है. ऐसे में एयरपोर्ट से लेकर होटल और फिर भारत मंडपम तक सुरक्षा के साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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