कनाडा इंडिया फाउंडेशन (CIF) और द एलायंस टू फाइट सेसेशनिज़्म एंड इंटरनेशनल खालिस्तानी टेररिज्म (TAFSIK) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को वुडब्रिज में ‘यूनाइटेड अगेंस्ट एक्सट्रीमिज़्म’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया.
इस सम्मेलन में कनाडा के कोने-कोने से विशेषज्ञों, सामाजिक नेताओं और सुरक्षा से जुड़े प्रमुख चेहरों ने भाग लिया. चर्चा का मुख्य केंद्र रहा चरमपंथी विचारधाराओं का बढ़ता प्रभाव, विदेशी हस्तक्षेप, और इनसे उत्पन्न कनाडा की आंतरिक सुरक्षा पर खतरे.
कनाडा इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक रितेश मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि, ‘हम आज कनाडा में ‘यूनाइटेड अगेंस्ट एक्सट्रीमिज़्म’ सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं क्योंकि हम कनाडाई नागरिकों के रूप में मानते हैं कि यह समय की आवश्यकता है. यह सम्मेलन किसी समुदाय, व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नहीं है—बल्कि कनाडा को उसकी मूल आत्मा में सुरक्षित रखने के लिए है. हमें चरमपंथ के खिलाफ खुलकर बोलना होगा ताकि सरकार, नीति-निर्माता और हर वह व्यक्ति जो कनाडा से प्रेम करता है, हमारी बात सुने और मिलकर समाधान ढूंढे.’
सम्मेलन में यह भी चर्चा हुई कि कैसे अलगाववादी और खालिस्तान समर्थित ताकतें कनाडा की खुली प्रणाली का दुरुपयोग कर रही हैं, और कैसे विदेशी फंडिंग और प्रचारतंत्र के ज़रिए नफरत और भ्रम फैलाने की कोशिशें हो रही हैं.
वक्ताओं ने समुदायों, सुरक्षा एजेंसियों और सरकार के बीच बेहतर संवाद और सहयोग, समय रहते हस्तक्षेप, और मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत पर बल दिया ताकि चरमपंथ को समय रहते रोका जा सके. सम्मेलन का समापन इस आह्वान के साथ हुआ कि कनाडा के बहुलतावादी मूल्यों की रक्षा के लिए सभी समुदायों को एकजुट होकर चरमपंथ के हर रूप के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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