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ऑपरेशन चक्र-V के तहत CBI का बड़ा एक्शन, ट्रांसनेशनल साइबर एक्सटॉर्शन सिंडिकेट का पर्दाफाश

सीबीआई ने ऑपरेशन चक्र-V के तहत एक अंतरराष्ट्रीय साइबर वसूली सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. अहमदाबाद और मुंबई में छापेमारी के बाद मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जिससे 45,000 डॉलर की क्रिप्टो संपत्ति और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए.

CBI

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने ऑपरेशन चक्र-V के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ट्रांसनेशनल साइबर एक्सटॉर्शन (वसूली) सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. इस सिलसिले में 25 जून को सीबीआई की टीमों ने अहमदाबाद और मुंबई में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जिसमें अहम सबूत बरामद किए गए.

इसके बाद 26 जून को मुंबई से इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार कर लिया गया. यह मामला एक बेहद सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें विदेशी नागरिकों — खासकर अमेरिका और कनाडा के लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर डराया जाता था और फर्जी आरोपों की धमकी देकर उनसे पैसे वसूले जाते थे.

अहमदाबाद-मुंबई में एकसाथ छापेमारी

सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि धोखाधड़ी से प्राप्त रकम क्रिप्टोकरेंसी के रूप में हासिल की जाती थी.गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाला एक पूरा इकोसिस्टम बरामद हुआ है, जिसमें टेलीकम्युनिकेशन सेटअप, पहले से तैयार स्कैम स्क्रिप्ट, नकली आईडी कार्ड और कनाडाई पुलिस की फर्जी पहचान-पत्र शामिल हैं.

CBI ने आरोपी के पास से लगभग 45,000 अमेरिकी डॉलर की वर्चुअल डिजिटल संपत्ति (Virtual Digital Assets) जब्त की है. इसके अलावा उसकी आलीशान जीवनशैली के भी कई सबूत मिले हैं — जैसे लग्जरी गाड़ियाँ, महंगे एक्सेसरीज़, बार-बार विदेश यात्राएं और भारी मात्रा में बेहिसाबी संपत्ति.

क्रिप्टोकरेंसी में होती थी रकम की उगाही

इस नेटवर्क से जुड़े आरोपी की गतिविधियों को अमेरिका की Federal Communications Commission (FCC) पहले ही एक बड़े उपभोक्ता संचार धोखाधड़ी खतरे (Consumer Communication Information Services Threat – C-CIST) के रूप में चिह्नित कर चुकी है. “रॉयल टाइगर गैंग” नामक यह सिंडिकेट अमेरिका में सरकारी एजेंसियों, बैंकों और सेवा प्रदाताओं के नाम पर अवैध रोबोकॉल्स कर लोगों से ठगी करता था.

गिरफ्तार आरोपी को CBI कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए 4 दिन की रिमांड पर भेजा गया है. CBI ने कहा है कि वह साइबर आधारित वित्तीय अपराधों से सख्ती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क्स को खत्म करने के लिए विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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