रिपोर्ट – विष्णु आशीर्वाद
राजस्थान में अवैध नशे और प्रतिबंधित दवाओं के काले कारोबार के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) जयपुर की टीम ने एक बहुत बड़ी और कामयाब सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है. सीबीएन के तेजतर्रार इंस्पेक्टर रंजेश शुक्ला के नेतृत्व में की गई इस बड़ी नाकाबंदी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का जखीरा बरामद किया गया है.
केंद्रीय खुफिया इनपुट के आधार पर हुई इस अचानक कार्रवाई से नेशनल हाईवे पर तस्करों के बीच हड़कंप मच गया. टीम ने मौके से एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 9600 नशीले ट्रामाडोल (Tramadol) कैप्सूल और तस्करी में इस्तेमाल हो रही बोलेरो गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है.
पुलिस की टीम ने कैसे बिछाया जाल?
दरअसल, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो जयपुर को पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि दौसा के रास्ते जयपुर की ओर प्रतिबंधित और घातक नशीली दवाओं की एक बहुत बड़ी खेप सप्लाई होने वाली है. सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर रंजेश शुक्ला ने अपनी स्पेशल टीम के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-148 (NH-148) पर स्थित मालगवास के समीप कड़ा पहरा बिठा दिया. जैसे ही संदिग्ध बोलेरो गाड़ी वहां पहुंची, अधिकारियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर रुकवा लिया. गाड़ी की सघन तलाशी लेने पर उसके भीतर छिपाकर रखे गए 9600 ट्रामाडोल कैप्सूल के पैकेट बरामद हुए, जिन्हें देखकर खुद नारकोटिक्स के अधिकारी भी दंग रह गए.
अलवर का तस्कर विजय सैनी रंगे हाथों गिरफ्तार
मौके पर की गई इस कार्रवाई में सीबीएन की टीम ने बोलेरो चला रहे आरोपी विजय सैनी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. आरोपी विजय सैनी मुख्य रूप से अलवर जिले के पीपली की ढाणी का निवासी बताया जा रहा है, जो लंबे समय से इस अवैध सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था.
प्रारंभिक पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि नशे की यह खौफनाक खेप दौसा से लोड होकर राजधानी जयपुर के युवाओं और मेडिकल स्टोर्स पर ब्लैक मार्केट में सप्लाई की जानी थी. सीबीएन के आला अधिकारी अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं ताकि इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगना और सप्लायरों का पता लगाया जा सके.
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एनडीपीएस (NDPS) एक्ट में मुकदमा दर्ज
प्रतिबंधित ड्रग्स की इतनी बड़ी कमर्शियल क्वांटिटी बरामद होने के बाद केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने आरोपी विजय सैनी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया.
मामले की गंभीरता और नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को देखते हुए अदालत ने आरोपी तस्कर को तुरंत न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं. सीबीएन इस बड़ी सफलता को राजस्थान में पैर पसार रहे ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ने के रूप में देख रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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