Changur Baba Conversion Case: उत्तर प्रदेश की स्पेशल एटीएस कोर्ट ने मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की डिस्चार्ज अर्जी (मुकदमे से मुक्त होने की प्रार्थना) को 19 अप्रैल को सिरे से खारिज कर दिया है. इस फैसले के बाद अब छांगुर और उसके पूरे गिरोह के खिलाफ ट्रायल (Changur Baba Case) चलने का रास्ता साफ हो गया है. बता दें कि ईडी (ED) और एटीएस (ATS) ने कोर्ट में जो 1400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, उसने इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और मनी ट्रेल को बेनकाब कर दिया है.
खाड़ी देशों से आई 100 करोड़ की फंडिंग?
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे धर्मांतरण खेल की रीढ़ ‘विदेशी फंडिंग’ थी. ईडी की जांच में सामने आया है कि साल 2015 से 2024 के बीच सऊदी अरब, दुबई और अन्य खाड़ी देशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम भारत लाई गई.
यह भी बताते चलें कि मनी ट्रेल को इतनी चतुराई से डिजाइन किया गया था कि यह पैसा अलग-अलग फर्जी खातों और माध्यमों से ट्रांसफर किया गया ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके. अधिकारियों का दावा है कि इस भारी-भरकम रकम का एकमात्र उद्देश्य भारत में संगठित तरीके से धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा देना और नेटवर्क को मजबूत करना था.
जमीन खरीद और ‘संरक्षक’ की भूमिका(Changur Baba Case)
चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि धर्मांतरण के इस काले धंधे को ‘रियल एस्टेट’ के जरिए सफेद किया जा रहा था. सह-आरोपी नवीन और उसकी पत्नी नीतू ने विदेशी फंड का इस्तेमाल कर बलरामपुर के तरबगंज समेत कई जिलों में बेशकीमती जमीनें खरीदीं.
जांच के मुताबिक, इन संपत्तियों का उपयोग गुप्त रूप से धर्मांतरण केंद्रों के रूप में किया जाता था. दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में छांगुर बाबा खुद को पर्दे के पीछे रखकर एक ‘गवाह’ और ‘कथित संरक्षक’ की भूमिका निभा रहा था, जबकि संपत्तियां गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम पर थीं.
प्रलोभन, साजिश और गंभीर धाराएं
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सामाजिक और वित्तीय प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करता था. चार्जशीट के अनुसार, यह सिर्फ धार्मिक मामला नहीं बल्कि देश की जनसांख्यिकी (Demography) को बदलने और सरकार के खिलाफ साजिश रचने का संगठित प्रयास है. मुख्य आरोपी छांगुर और उसके साथियों पर आईपीसी की धारा 121A (राष्ट्र के विरुद्ध साजिश), 153A (धार्मिक वैमनस्य फैलाना) और 420 (धोखाधड़ी) जैसी बेहद गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.
स्विस बैंक और सीरिया लिंक की जांच जारी
1400 पन्नों की इस चार्जशीट ने बैंक ट्रांजैक्शन और आरोपियों के बीच संबंधों की गहरी परतें तो खोल दी हैं, लेकिन जांच अभी थमी नहीं है. सुरक्षा एजेंसियां अब इस सिंडिकेट के ‘सीरिया लिंक’ और कुछ संदिग्ध ‘स्विस बैंक खातों’ की जांच में जुटी हैं.
इसको (Changur Baba Case) लेकर अधिकारियों को अंदेशा है कि यह नेटवर्क देश की सुरक्षा के लिए इससे भी कहीं बड़ा खतरा हो सकता है. फिलहाल, कोर्ट के कड़े रुख ने आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और जल्द ही इस मामले में गवाहियां और सुनवाई शुरू होने वाली है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

