Cheapest Flat In Delhi: दिल्ली में बिना ब्रोकर के घर ढूंढना और उस पर सस्ता घर ढूंढना एक मुश्किल टास्क है. पर हाल ही में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में रहने के लिए सबसे सस्ता और महंगा इलाके बताए गए हैं.
इस साल अप्रैल-जून के लिए जारी रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म मैजिकब्रिक्स रेंटल इंडेक्स के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका मोड़ और लक्ष्मी नगर में सबसे सस्ते फ्लैट मिलने के ज्यादा संभावनाएं है. यहां दो बेडरूम वाले अपार्टमेंट का किराया 13,700 रुपये से 16,100 रुपये तक है.
दिल्ली में किराये की दरों में पिछले साल की तुलना में लगभग 36.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. क्योंकि यह मुंबई के बाद रहने के लिए सबसे महंगा शहर बना है. मुंबई में किराया दिल्ली के किराए से दोगुना है.
छतरपुर भी एक ऑप्शन बनकर उभर रहा है
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण दिल्ली का छतरपुर भी ऐसा इलका बनकर उभरा है जहां किराए पर सस्ते फ्लैट मिल सकते हैं. यहां दो बेडरूम वाले फ्लैटों का औसत मासिक किराया 20,500 रुपये और तीन बेडरूम वाले फ्लैटों का औसत मासिक किराया 37,500 रुपये है.
रिपोर्ट में कहा गया है, “नई दिल्ली का किराया बाजार ( Rental Market) लगातार बढ़ रहा है, जिसे राष्ट्रीय राजधानी और देश भर के पेशेवरों, छात्रों और प्रवासियों के लिए एक केंद्र के रूप में इसकी स्थिति का समर्थन प्राप्त है.”
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “द्वारका, साकेत और दक्षिण दिल्ली जैसे इलाके अपनी मज़बूत कनेक्टिविटी, मेट्रो की पहुंच और स्थापित मेट्रो बुनियादी ढांचे के कारण काफ़ी लोकप्रिय बने हुए हैं. चल रहे मेट्रो विस्तार, शहरी नवीनीकरण परियोजनाएं और बेहतर नागरिक सुविधाएं देश भर में किराये के मकानों के आकर्षण को और बढ़ा रही हैं.”
वसंत कुंज और लाजपत नगर सबसे महंगे इलाके
सबसे महंगे इलाके वसंत कुंज और लाजपत नगर हैं. वसंत कुंज में दो बेडरूम वाले फ्लैटों का मासिक किराया 46,500 रुपये और तीन बेडरूम वाले फ्लैटों का मासिक किराया 71,800 रुपये है. लाजपत नगर में दो बेडरूम और तीन बेडरूम वाले अपार्टमेंट का मासिक किराया 38,600 रुपये और 62,500 रुपये है.
रिपोर्ट में शामिल आंकड़ों के अनुसार, किराये के बाज़ार में आपूर्ति और मांग में बेमेल है. जहां छोटे और सस्ते किराये के फ्लैटों की मांग ज़्यादा है पर आपूर्ति बड़े और महंगे फ्लैटों की ज्यादा है.
40% मांग 10,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच
किराए के रेंज को लेकर रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली में किराये के घरों की 40 प्रतिशत मांग 10,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच है और 19 प्रतिशत मांग 20,000 रुपये से 30,000 रुपये के बीच है. हालांकि, 10,000 रुपये से 30,000 रुपये के बीच की 59 प्रतिशत मांग के लिए केवल 33 प्रतिशत ही आपूर्ति है.
दूसरी ओर जहां 50,000 रुपये से अधिक किराए वाले फ्लैटों की मांग केवल 11 प्रतिशत है, वहीं आपूर्ति का 38 प्रतिशत है.
किराये के बाज़ार में 33 प्रतिशत मांग एक बेडरूम वाले फ्लैटों की है, लेकिन आपूर्ति केवल 15 प्रतिशत ही है. इसके विपरीत तीन बेडरूम वाले अपार्टमेंट की उपलब्धता मांग का केवल 20 प्रतिशत है, जबकि आपूर्ति का 40 प्रतिशत है.
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-भारत एक्सप्रेस
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