Bharat Express DD Free Dish

बंगाल चुनाव 2026 में ‘छोटा भीम’ और ‘चुटकी’ की एंट्री! निर्वाचन आयोग की नए वोटरों को रिझाने की ये अनोखी रणनीति देखी क्या?

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग ने युवाओं को जोड़ने के लिए ‘छोटा भीम’ और ‘चुटकी’ के साथ साइकिल रैली निकाली. SVEEP अभियान के तहत डिजिटल और सांस्कृतिक तरीकों से पहली बार वोट देने वालों को जागरूक किया जा रहा है…

West Bengal Election 2026 voter awareness campaign: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर भारतीय निर्वाचन आयोग ने अपनी कमर कस ली है. मतदाताओं विशेषकर पहली बार वोट देने वालों को प्रेरित करने के लिए शुक्रवार सुबह हावड़ा में एक भव्य साइकिल रैली (Cyclothon) का आयोजन किया गया. चुनाव का पर्व पश्चिम बंगाल का गर्व’ थीम पर आधारित इस रैली को हावड़ा ब्रिज चेक पोस्ट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.

इस अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण बच्चों और युवाओं के चहेते एनीमेशन पात्र ‘छोटा भीम’ और ‘चुटकी’ रहे. इन पात्रों ने न केवल रैली में उत्साह भरा, बल्कि खेल-खेल में युवाओं को यह संदेश भी दिया कि देश के भविष्य के निर्माण में एक-एक वोट की कीमत क्या होती है. रैली हावड़ा ब्रिज से शुरू होकर रेल म्यूजियम के रास्ते रामकृष्णपुर फेरी घाट पर समाप्त हुई, जहाँ हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक इस चुनावी उत्सव (West Bengal election 2026) का हिस्सा बने.

हावड़ा ब्रिज पर संकल्प की गूंज

सुबह 7 बजे जब हावड़ा ब्रिज पर सूरज की पहली किरणें पड़ीं तब वहां का नजारा आम दिनों से अलग था. दरअसल हावड़ा के पुलिस कमिश्नर (CP) और जिला चुनाव अधिकारी (DEO) ने इस रैली को रवाना किया. इसमें केवल युवा ही नहीं बल्कि चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी साइकिल चलाकर जनता को फिट रहने और जागरूक रहने का संदेश दिया. रामकृष्णपुर फेरी घाट पर पहुँचने के बाद एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पश्चिम बंगाल की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकगीत, नृत्य और नाटकों के जरिए मतदान के महत्व को समझाया गया.

‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ पर जोर

चुनाव आयोग (Election Commission India) के मीडिया इंचार्ज आशीष गोयल ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि यह पूरी कवायद ‘स्वीप’ (SVEEP) कार्यक्रम का हिस्सा है. आयोग ने राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ (ELC) को सक्रिय कर दिया है, ताकि पहली बार वोट डालने वाले युवा चुनावी प्रक्रिया की बारीकियों को समझ सकें.

इसके साथ ही हुगली नदी में ‘मतदाता जागरूकता बोट फेरी’ की भी शुरुआत की गई है, जो नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को जागरूक करेगी. सोशल मीडिया पर भी एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पश्चिम बंगाल की कलात्मक झलक जैसे कालीघाट पेंटिंग और छऊ नृत्य के जरिए चुनावी संदेशों को घर-घर पहुँचाया जा रहा है.

या भी पढ़ें: डूंगरपुर में ‘ऑपरेशन साइबर हंट 2.0’ का बड़ा एक्शन! एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर खंडहरों में चल रहा था गंदा खेल, 13 आरोपी गिरफ्तार

घर-घर पहुंचेगा ‘चुनाव का पर्व’

निर्वाचन आयोग केवल रैलियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि वह सरकारी विभागों और कॉर्पोरेट संगठनों के साथ मिलकर इस अभियान को और धार दे रहा है. मतदाताओं को उनके मतदान केंद्र और वोटिंग लिस्ट में नाम की जांच करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जानकारी दी जा रही है.

हाल ही में लागू किए गए नए नियमों और सुविधाओं का भी इस अभियान में प्रचार किया जा रहा है. आयोग का मानना है कि ‘छोटा भीम’ और ‘चुटकी’ जैसे लोकप्रिय चेहरों को शामिल करने से चुनावी प्रक्रिया के प्रति लोगों का डर और हिचक खत्म होती है और वे इसे एक जिम्मेदारी के साथ-साथ एक त्योहार के रूप में देखते हैं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read