झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को राज्य के दो कैबिनेट मंत्रियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली. यह मामला कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव के सवाल से जुड़ा था. प्रदीप यादव ने स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी से सवाल किया था कि उनके क्षेत्र में बना नर्सिंग स्कूल कब शुरू होगा, तो मंत्री ने इसका जवाब देने के बजाय कटाक्ष करते हुए प्रदीप यादव को ही आड़े हाथों लिया.
स्वास्थ्य मंत्री के इस कटाक्ष पर प्रभारी संसदीय कार्य मंत्री सुदीप्य सोनू ने इस बात पर आपत्ति जताई और आग्रह किया कि मंत्री को इस तरह से कटाक्ष की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस प्रश्न का उत्तर सीधे और सम्मानजनक तरीके से दिया जाना चाहिए.
मामले को लेकर हफीजुल हसन ने लीपापोती की
वहीं, झामुमो कोटे के मंत्री हफीजुल हसन ने इस मामले पर सफाई दी और कहा कि यह एक रणनीति का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य विपक्ष को भ्रमित करना था. उनके अनुसार, यह पूरा विवाद एक राजनीतिक खेल का हिस्सा था, जिसे सुलझा लिया गया था.
इस घटना के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी, लेकिन सत्ता पक्ष के दो मंत्रियों के बीच का यह विवाद विधानसभा में चर्चा का विषय बना रहा. अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा में और कौन से राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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