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हिमाचल प्रदेश में बादल फटे: भारी बारिश से नदी-नालों का जल स्तर अचानक बढ़ गया, पानी में डूब रहे निचले इलाके; कई गांवों में कोहराम मचा

हिमाचल के कुल्लू में बादल फटने से सैंज घाटी और मणिकर्ण में कोहराम मच गया. जीवा नाला और ब्रम्हगंगा उफान पर हैं, कई गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं. प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किए…

Cloud Burst in Himachal Pradesh 2025: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में आज बादल फटने की दो घटनाएं हुईं. बादल फटने से नदियां उफान पर आ गईं. सैंज घाटी में जीवा नाला और मणिकर्ण के ब्रम्हगंगा में पानी ही पानी उमड़ पड़ा. नदी-नालों का जल स्तर से कई गांव-कस्‍बों में कोहराम मच गया.

इस बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने हिमाचल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका है.

सैंज घाटी में दिखा भयावह मंजर

हिमाचल प्रदेश की सैंज घाटी में जीवा नाला उफान पर आ गया, जिसके कारण आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया. एक वीडियो में पेड़ और मलबा तेज बहाव में बहते दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय निवासियों ने बताया कि अचानक आए सैलाब ने बिहाली गांव को सबसे ज्यादा प्रभावित किया, जहां घरों और खेतों को भारी नुकसान हुआ. पार्वती नदी भी उफान पर है, जिससे मणिकर्ण और आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है.

कुल्लू की Sainj Valley में बादल फटा
कुल्लू की Sainj Valley में बादल फटा

मणिकर्ण में ब्रम्हगंगा भी उफान पर

बादल फटने से मणिकर्ण-ब्रम्हगंगा में जल स्तर अचानक बढ़ गया. यहां नदी-नालों का जल स्तर तेजी से बढ़ने से सड़कों, पुलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में पानी का तेज बहाव और मलबे का खौफनाक मंजर देखा जा सकता है. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन बारिश के कारण चुनौतियां बढ़ रही हैं.

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प्रशासन सतर्क, राहत-बचाव कार्य शुरू

जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में राहत शिविर स्थापित किए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. स्थानीय लोग डर के साये में हैं और प्रशासन से त्वरित सहायता की मांग कर रहे हैं.

क्‍यों बढ़ रही हैं ऐसी प्राकृतिक आपदाएं?

बादल फटने की घटनाओं ने कुल्लू के पर्यटन पर भी असर डाला है. मणिकर्ण और सैंज घाटी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल अब खतरे की जद में हैं. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और सतर्क रहने की अपील की है.

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