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‘मेरे प्यारे बच्चों…’ गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों के नाम योगी की पाती, अभिभावकों से की ये खास अपील

Yogi Adityanath ने बच्चों और अभिभावकों के नाम भावुक पत्र लिखकर गर्मियों की छुट्टियों को व्यक्तित्व निर्माण का स्वर्णिम अवसर बताया. सीएम ने बच्चों से मोबाइल छोड़ किताबों, नए हुनर, दादा-दादी की कहानियों और ‘प्लास्टिक मुक्त’ जीवनशैली अपनाने की अपील की…

Yogi Adityanath Letter

CM Yogi’s Letter to Children: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बच्चों और उनके माता-पिता के नाम एक बेहद अनोखी और भावुक ‘पाती’ (पत्र) लिखी है. सोमवार (25 मई 2026) को सामने आए इस पत्र के जरिए सीएम योगी ने गर्मियों की छुट्टियों को केवल खाली समय न मानकर, उसे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का एक स्वर्णिम अवसर बताया है.

मुख्यमंत्री ने बहुत ही आत्मीयता से बच्चों को ‘मेरे प्यारे बच्चों’ कहकर संबोधित किया और अभिभावकों से पुरजोर आग्रह किया है कि इन छुट्टियों में बच्चों को उनके ननिहाल और ददिहाल अवश्य ले जाएं. इस पत्र का मुख्य उद्देश्य आज की डिजिटल होती पीढ़ी को अपनी जड़ों, पारिवारिक संस्कारों और प्रकृति के करीब लाना है, ताकि वे अपनी महान सांस्कृतिक परंपराओं को बहुत निकटता से समझ सकें.

छुट्टियों में मोबाइल छोड़ किताबें और हुनर अपनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में बच्चों की मानसिक और रचनात्मक ग्रोथ पर विशेष ध्यान दिया है. उन्होंने लिखा कि स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से राहत मिलते ही बच्चों का मन कुछ नया सीखने और अपनों के साथ समय बिताने के लिए उत्सुक हो उठता है. यही वह सही समय है जब बच्चे अपनी छिपी हुई रुचियों को पहचानें और जीवन के ऐसे अनमोल अनुभव प्राप्त करें जो भविष्य में काम आएं.

सीएम योगी ने किशोरों और युवाओं को सलाह दी है कि वे इन छुट्टियों का उपयोग कोई नई भाषा सीखने या नया हुनर (स्केल) हासिल करने में करें. इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को अच्छी पुस्तकों से दोस्ती करने, फोटोग्राफी, चित्रकारी, संगीत, पाक कला और बागवानी जैसे रचनात्मक कामों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया.

संस्कारों की जड़ें मजबूत करना जरूरी(CM Yogi’s Letter to Children)

अभिभावकों के साथ अपनी यादें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बेहद गंभीर मुद्दे पर सबका ध्यान खींचा. उन्होंने लिखा कि हममें से अधिकतर लोगों ने अपने बचपन में दादा-दादी और नाना-नानी से प्रेरणादायक कहानियां सुनी हैं, लेकिन आज के दौर के बच्चे इन जरूरी पारिवारिक अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं.

सीएम योगी ने माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों को परिवार के बड़े-बुजुर्गों के साथ समय बिताने का पूरा मौका दें. उन्होंने एक बहुत ही सुंदर उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं, वही सबसे अधिक फलदायी और दीर्घजीवी होता है, ठीक उसी तरह हमारी संस्कृति और पारिवारिक संस्कार भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत जड़ें हैं.

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‘प्लास्टिक मुक्त’ छुट्टियों का महा-संकल्प

अपने पत्र के आखिरी हिस्से में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी सामाजिक अपील की है. उन्होंने सभी बच्चों और अभिभावकों से इन गर्मियों की छुट्टियों को पूरी तरह से ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने का संकल्प लेने को कहा है. सीएम योगी ने संदेश दिया कि चाहे कोई पारिवारिक यात्रा हो या पिकनिक, हमेशा कपड़े या जूट के थैलों का ही प्रयोग करें और प्लास्टिक का कचरा इधर-उधर बिल्कुल न फैलाएं.

साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही स्वच्छ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आदत विकसित करनी होगी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, हमारे द्वारा किए गए ये छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में देश के भीतर एक बहुत बड़े और सकारात्मक पर्यावरण परिवर्तन का आधार बनेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस



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