महंगे प्रोडक्ट्स को कहें बाय! घर पर आसानी से ऐसे बनाएं चुकंदर का हेयर मास्क
भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन, एमडी और एडिटर इन चीफ उपेन्द्र राय
New Delhi: नई दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन, एमडी और एडिटर इन चीफ उपेन्द्र राय ने शिरकत की. आयोजकों ने उपेन्द्र राय का अतिथि भाव से स्वागत किया. सभा को संबोधित करते हुए सीएमडी उपेन्द्र राय ने कहा कि भारत के उपनिषदों और वेदों को डिकोड करके दुनिया के और देशों ने पाया है और सीखा है.
भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेन्द्र राय बोले— “समय के साथ हमने अपनी हस्ती को जाने दिया, खो जाने दिया. आचार्य चाणक्य जैसे संस्कृत के प्रकांड विद्वान ने देश के सभी राजाओं और सूबेदारों को कहा कि हम आक्रमण नहीं करते, हम अहिंसात्मक हैं ये अच्छी बात है. लेकिन हमें इतनी तैयारी तो रखनी ही चाहिए कि कोई दूसरा हमारी सीमा को तोड़ते हुए हमारे घर में न घुस आए.”
भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेन्द्र राय ने कहा- “…लेकिन इतनी-सी बात आज से 4000 साल पहले हमारे राजाओं और सूबेदारों को समझ नहीं आई और छोटे-छोटे स्वार्थों के कारण हमारा देश करीब 3000 सालों तक गुलाम रहा. इस गुलामी के कारण कहीं न कहीं हमारे मन में ये बात बैठी हुई है कि संस्कृत में वो ताकत नहीं है.”
उपेन्द्र राय ने कहा कि संस्कृत में ही सच्ची ताकत है,जिसे पहचानने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मैं कई संस्थानों में हाल के दिनों में गया हूं लेकिन मैं दावे के साथ कहता हूं कि लाल बहादुर शास्त्री विश्वविद्यालय के बच्चों का शानदार प्रदर्शन रहा है.
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेन्द्र राय को सम्मानित किया गया.
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा चोट के कारण बाहर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर गुजरात के…
Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाले 10वें दीपोत्सव से पहले नगर…
आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर…
KGMU Conversion: KGMU में कथित धर्मांतरण, प्रेमजाल में फंसाकर यौन शोषण और शिकायतों को दबाने…
मणिबेन पटेल की कहानी सिर्फ सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी होने तक सीमित नहीं है.…