Delhi Humayun Tomb Accident: दिल्ली के ऐतिहासिक हुमायूं के मकबरे के पास शुक्रवार 15 अगस्त को बड़ा हादसा हो गया. बीते दो दिनों से हो रही बारिश के बीच हुमायूं के मकबरे के पास स्थित एक दरगाह के दो कमरों की छत गिर गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि करीब 5-6 लोग घायल हो गए हैं.
बचाव कार्य में एनडीआरएफ की टीम, पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी शामिल हैं. अब तक 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है. स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है ताकि बचाव कार्य निर्बाध रूप से चल सके. फिलहाल फंसे लोगों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं.
#WATCH | Delhi | On the incident of roof collapse in Dargah Sharif Patte Shah premises, Joint CP Sanjay Jain says, “10 persons were rescued and sent to AIIMS Trauma Centre and LNJP. Out of the 10 people, five people at AIIMS Trauma Centre have died. The rescue operation has been… pic.twitter.com/iNCJBtBaXQ
— ANI (@ANI) August 15, 2025
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, शाम 4:30 बजे के आसपास हुमायूं के मकबरे (Humayun Tomb) को लेकर आपातकालीन कॉल मिली, जिसके बाद पांच दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया. पीएमओ और दिल्ली सरकार भी इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और फंसे लोगों को निकालने के प्रयास कर रही हैं.
जुमे की नमाज के लिए आए थे लोग (Delhi Humayun Tomb Accident)
जुमे की नमाज़ के लिए एक पुरानी इमारत में जुटी भीड़ पर शुक्रवार को बारिश कहर बनकर टूटी. गवाहों के मुताबिक, नमाज़ियों से भरे कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी और कुछ ही पलों में दीवार भी ढह गई. हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
वक्फ बोर्ड की ओर से पहुंचे एडवोकेट मुजीब अहमद ने बताया कि बस्ती के लोगों के साथ-साथ बाहर से आए कई लोग भी हर हफ़्ते यहां जुमे की नमाज़ अदा करने आते हैं. लेकिन आज लगातार हो रही बारिश की वजह से लोग खुले आंगन से अंदर बने कमरों में चले गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘ये छत काफ़ी पुरानी थी और लंबे समय से इसकी मरम्मत की मांग की जा रही थी. दरगाह कमेटी ने कई बार गुहार लगाई कि छत से पानी रिसता है, मरम्मत की इजाज़त दी जाए, लेकिन एएसआई (ASI) ने साफ़ मना कर दिया.’
मुजीब अहमद का कहना है कि पुरानी इमारत की हालत पहले से जर्जर थी. उन्होंने बताया कि ‘लापरवाही के चलते छत में पहले ही दरार आ चुकी थी. आज बारिश ने हालत और बिगाड़ दी. करीब 15 से 20 लोग कमरे के भीतर मौजूद थे. पहले छत गिरी और फिर दीवार भी गिर पड़ी,’
हुमायूं का मकबरा (Humayun Tomb Accident)
हुमायूं का मकबरा (Humayun Tomb) एक ऐतिहासिक स्मारक है, जो 16वीं सदी के मध्य में बना था. यह पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. फिलहाल हादसे की वजह का पता लगाने के लिए सर्वे शुरू हो चुका है. स्थानीय प्रशासन और फायर सर्विस लोगों से सुरक्षा के लिहाज से उस इलाके से दूर रहने की अपील कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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