Delhi News: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर शुक्रवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (एएमएसएस) में तकनीकी खराबी ने भारी अफरा-तफरी मचा दी. गुरुवार शाम से शुरू हुई यह समस्या शुक्रवार सुबह तक बनी रही, जिससे 800 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं और कम से कम 20 रद्द हुईं. इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट सहित प्रमुख एयरलाइंस ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर फ्लाइट स्टेटस चेक करने को कहा.
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने शाम 9:17 बजे तक एएमएसएस को पूरी तरह बहाल कर दिया. AAI के बयान में कहा गया, “सिस्टम अब पूरी तरह कार्यशील है. बैकलॉग की वजह से थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन जल्द सामान्य हो जाएगा.” सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने भी पुष्टि की कि कोई साइबर अटैक नहीं था, बल्कि सॉफ्टवेयर अपग्रेड के दौरान ग्लिच आया. इंडिगो ने रात 10:10 बजे तक ऑपरेशंस को प्रोग्रेसिवली सामान्य बताया.

टर्मिनल-3 सबसे ज्यादा प्रभावित रहा
दिल्ली एयरपोर्ट (डीआईएएल) ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था, “एटीसी सिस्टम में तकनीकी समस्या से उड़ानें प्रभावित हुई हैं. टीम जल्द ठीक करने में जुटी है.” टर्मिनल-3 सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां औसत देरी 55 मिनट रही. मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ जैसे अन्य एयरपोर्ट्स पर भी असर पड़ा.
फ्लाइट्रडार24 के अनुसार, शुक्रवार शाम तक 513 डिपार्चर और 118 अराइवल देरी से हुए.
सोशल मीडिया पर छाई रहीं शिकायतें
यात्रियों की शिकायतें सोशल मीडिया पर छाई रहीं. कई घंटों तक वेटिंग, बच्चों-बुजुर्गों की परेशानी. एयरलाइंस ने एक्स्ट्रा काउंटर खोले और रिफंड/रिशेड्यूल की सुविधा दी. विशेषज्ञों का कहना है कि एएमएसएस फ्लाइट प्लान डेटा ट्रांसमिट करता है, जिसकी गड़बड़ी से मैनुअल ऑपरेशन करना पड़ा, जो समय लेने वाला है.
अलग घटना में, 28 अक्टूबर को बैंकॉक से आए ब्रिटिश नागरिक फिट्ज पैट्रिक इमिग्रेशन क्लियर किए बिना फरार हो गए. पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू की. लेकिन शुक्रवार का मुख्य संकट एटीसी ग्लिच था, जो अब हल हो चुका है. एएआई ने भविष्य में ऐसी दिक्कतों से बचने के लिए सिस्टम अपग्रेड पर जोर दिया.
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