ओम प्रकाश कुमार
नई दिल्ली (09 अक्टूबर 2026): अशोक लीलैंड से जुड़ी कंपनियों—’ओएचएम ग्लोबल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘स्विच मोबिलिटी ऑटोमोटिव लिमिटेड’—द्वारा बिना किसी पूर्व वैधानिक सूचना के ‘प्रोविज़ मैनसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ का अनुबंध अचानक निरस्त किए जाने के मामले को श्रम विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है. डिप्टी लेबर कमिश्नर (ओखला) ने कंपनियों के इस एकतरफा कदम को औद्योगिक विवाद अधिनियम (Industrial Dispute Act) के अनिवार्य प्रावधानों का खुला उल्लंघन करार देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
श्रम विभाग ने विवादित स्थल पर तत्काल प्रभाव से यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का सख्त निर्देश दिया है. इसके साथ ही ओएचएम ग्लोबल मोबिलिटी एवं स्विच मोबिलिटी के उच्च प्रबंधन व सक्षम प्राधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है. नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कंपनियों के खिलाफ औद्योगिक कानूनों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
तेहखंड डिपो प्रबंधन और अनुबंध का पृष्ठभूमि विवरण
डिपो संचालन और प्रबंधन के क्षेत्र में दो दशकों का लंबा अनुभव रखने वाली प्रोविज़ मैनसिस्टम्स के साथ ओएचएम ग्लोबल मोबिलिटी ने 11 जुलाई 2025 को तेहखंड डीटीसी बस डिपो (मां आनंदमई मार्ग, ओखला) के संपूर्ण संचालन का लिखित अनुबंध किया था.
कंपनी को 28 अगस्त 2025 तक डिपो को पूरी तरह परिचालन योग्य बनाने का कड़ा लक्ष्य सौंपा गया था, ताकि दिल्ली सरकार द्वारा इसका विधिवत उद्घाटन किया जा सके. प्रोविज़ मैनसिस्टम्स के प्रबंधक (एचआर एवं विधि) ओम प्रकाश कुमार के अनुसार, कंपनी ने तमाम तकनीकी व परिचालन मानकों का पालन करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर डिपो को सुचारु रूप से चालू कर दिया था.
वादाखिलाफी और मनमाना निरस्तीकरण
सफल परिचालन के बाद ओएचएम मोबिलिटी ने प्रोविज़ मैनसिस्टम्स को पांच अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बस (EV) डिपो के संचालन का औपचारिक अनुबंध देने का लिखित भरोसा दिया था. हालांकि, बाद में प्रबंधन लगातार टालमटोल करता रहा और बिना किसी वैधानिक नोटिस अथवा पूर्व सूचना के तेहखंड डिपो का मौजूदा अनुबंध भी मनमाने ढंग से निरस्त कर दिया.
डिपो में प्रवेश रोका, ओखला थाने पहुंची शिकायत
यह विवाद उस समय और गंभीर हो गया जब 8 अक्टूबर 2026 को प्रोविज़ मैनसिस्टम्स के अधिकृत प्रतिनिधि ओमबीर पवार और एचआर प्रबंधक ओम प्रकाश कुमार नियमित कामकाज के सिलसिले में ओखला डिपो पहुंचे. आरोप है कि डिपो प्रबंधक अरुण, संचालन प्रमुख चेतन रावत और कॉर्पोरेट एचआर शेहबाज़ के निर्देश पर दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को डिपो परिसर में प्रवेश करने से जबरन रोक दिया गया. इस गैर-कानूनी कदम के विरोध में प्रोविज़ मैनसिस्टम्स ने स्थानीय ओखला पुलिस थाने में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है.
हजारों कर्मचारियों के रोजगार पर संकट
कंपनी के प्रबंधक ओम प्रकाश कुमार ने कहा कि औद्योगिक कानूनों को दरकिनार कर लिए गए इस एकतरफा फैसले से डिपो संचालन में तैनात हजारों कर्मचारियों, तकनीशियनों और मजदूरों के सामने आजीविका और बेरोजगारी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
डिप्टी लेबर कमिश्नर ने कंपनी प्रबंधन के इस रवैये को पूरी तरह से मनमाना और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत माना है. कर्मचारियों के अधिकारों और विधिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रोविज़ मैनसिस्टम्स ने 12 वर्षों के दीर्घकालिक संचालन समझौते के दस्तावेजों के साथ डीटीसी के प्रबंध निदेशक (MD), स्थानीय विधायक और पुलिस प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है.
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