डीजल ऑटो हटेंगे, पुरानी गाड़ियां होंगी जब्त?
CAQM Pollution Action Plan: दिल्ली-NCR में सर्दी आते ही प्रदूषण का ग्राफ बढ़ जाता है, इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM ने अभी से कमर कस ली है. प्रदूषण रोकने के लिए क्या तैयारी है और जमीन पर कितना काम हो रहा है, इसको लेकर CAQM ने अपनी सुरक्षा और प्रवर्तन सब-कमेटी की 26वीं बैठक की. ये बैठक बीते 29 सितंबर को हुई, जिसकी अध्यक्षता CAQM चेयरपर्सन राजेश वर्मा ने की. बैठक में पंजाब, हरियाणा, यूपी और दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने प्रदूषण कंट्रोल के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए हैं.
बिना PUC के नहीं मिलेगा फ्यूल
बैठक में सबसे ज्यादा फोकस 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए नियम पर रहा. कल से NCR में बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी PUCC वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल और CNG नहीं दिया जाएगा. इस नियम को लागू करने के लिए पेट्रोल पंप और CNG स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन यानी ANPR सिस्टम लगाने का काम तेजी से चल रहा है. ये कैमरे नंबर प्लेट स्कैन करके बता देंगे कि गाड़ी का PUC वैध है या नहीं. CAQM ने सभी एजेंसियों को कहा कि इस सिस्टम को हर हाल में टाइम पर चालू करना है.
पुरानी गाड़ियों और जाम वाले पॉइंट्स पर सख्ती
CAQM ने पुरानी और एंड-ऑफ-लाइफ यानी EoL गाड़ियों के खिलाफ एक्शन तेज करने को कहा है. ऐसी गाड़ियों को जब्त करके स्क्रैप करने की कार्रवाई और बढ़ाई जाएगी. इसके साथ ही दिल्ली-NCR में जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम लगता है, उन हॉटस्पॉट की लिस्ट बनाई जा रही है. वहां इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और ANPR बेस्ड ऑटोमैटिक चालान सिस्टम लगाया जाएगा ताकि जाम से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके. गाड़ी रुकने से धुआं ज्यादा निकलता है, इसलिए ट्रैफिक को स्मूद करना भी जरूरी है.
पराली जलाने को लेकर तीन राज्यों का एक्शन प्लान
हर साल पराली जलाने से दिल्ली का दम घुटता है, इसलिए इस बार इस पर सबसे ज्यादा जोर है. बैठक में पंजाब, हरियाणा और यूपी में 2026 में पराली जलाने की घटनाओं को जीरो करने के लिए बने एक्शन प्लान की समीक्षा हुई. इसमें फसल विविधीकरण, डायरेक्ट सीडेड राइस यानी DSR तकनीक, पराली को खेत में ही खाद बनाने और उसे इंडस्ट्री में इस्तेमाल करने जैसे उपायों पर बात हुई. किसानों को जागरूक करने के लिए कैंपेन चलाने पर भी चर्चा की गई ताकि वे पराली न जलाएं.
डीजल ऑटो हटेंगे, पुरानी कमर्शियल गाड़ियों पर रोक
NCR के जिलों में 31 दिसंबर 2026 तक डीजल ऑटो-रिक्शा को पूरी तरह हटाने का टारगेट रखा गया है. इस पर कितना काम हुआ, इसकी भी समीक्षा की गई. इसके अलावा दिल्ली में BS-IV और उससे पुराने ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल गुड्स वाहनों की एंट्री पर पहले से लगी रोक को और सख्ती से लागू करने को कहा गया. दिल्ली में आने वाली बसों को भी क्लीन फ्यूल यानी CNG और इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट करने के उपायों पर चर्चा हुई ताकि शहर के अंदर धुएं को कम किया जा सके.
फैक्ट्रियों और सड़क की धूल पर भी नजर
बैठक में NCR की स्टोन क्रशिंग यूनिट्स से उड़ने वाली धूल और इंडस्ट्री से निकलने वाले धुएं पर भी बात हुई. फैक्ट्रियों के लिए लागू किए गए नए और सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी समीक्षा की गई. सर्दियों से पहले सड़कों की धूल को कंट्रोल करने के लिए और ज्यादा मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने और उन्हें धूल वाले हॉटस्पॉट पर लगाने पर जोर दिया गया. साथ ही कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन साइटों, फैक्ट्रियों और DG सेट की अचानक और गुप्त जांच की रिपोर्ट भी देखी गई.
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शिकायतों पर तुरंत एक्शन के निर्देश
CAQM ने सोशल मीडिया पर आने वाली प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी एजेंसियों को अलर्ट किया है. कहा गया कि ऐसी शिकायतों का निपटारा टाइम पर होना चाहिए. आयोग ने सभी विभागों को साफ निर्देश दिया है कि प्रदूषण कंट्रोल से जुड़े सभी आदेशों को सख्ती, आपसी तालमेल और तय डेडलाइन के अंदर लागू किया जाए. आने वाली सर्दियों में गाड़ियों, फैक्ट्रियों, पराली, सड़क और कंस्ट्रक्शन की धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने और निगरानी सिस्टम को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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