Delhi Turkman Gate Violence: दिल्ली के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार को हुई हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं. आज जुमे का दिन होने के बावजूद प्रशासन ने एहतियातन फैज-ए-इलाही मस्जिद में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी है. मस्जिद बुधवार की घटना के बाद से ही बंद है. पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है, जहां आरएएफ (RAF) और दिल्ली पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं. बाजार और दुकानें अभी भी बंद हैं. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पुलिस के कड़े पहरे में जारी है.
छावनी बना इलाका और नमाज पर रोक (Turkman Gate Update)
तुर्कमान गेट हिंसा के बाद आज जुमे की नमाज को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है. फैज-ए-इलाही मस्जिद, जहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी, उसे सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया है और वहां नमाज पर रोक लगा दी गई है. इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती की गई है. स्थानीय बाजार और दुकानें पूरी तरह बंद हैं. प्रशासन का साफ संदेश है कि किसी भी तरह की भीड़ जमा नहीं होने दी जाएगी.
गिरफ्तारियां और कोर्ट की कार्यवाही
पुलिस ने हिंसा और पत्थरबाजी के मामले में सख्त कार्रवाई की है. अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें कोर्ट ने 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बुधवार को हुई हिंसा में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. इसके अलावा, पहले से गिरफ्तार 5 अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर आज दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई होनी है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान कर रही है.
सांसद और यूट्यूबर पर कसता शिकंजा
पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. हिंसा और पुलिस पर हमले के आरोप में अब तक 11 संदिग्धों को गिरफ्तार कर 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. हिंसा भड़काने के आरोपों में घिरे यूट्यूबर सलमान ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है. पुलिस की रडार पर अब समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और ऐमन रिज़वी भी हैं, जिनसे जल्द पूछताछ हो सकती है. आज तीस हजारी कोर्ट में 5 आरोपियों की जमानत याचिका पर भी अहम सुनवाई होनी है.
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हिंसा के असली सूत्रधार कौन? (Turkman Gate Update Violence Update)
तुर्कमान गेट की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन कानून-व्यवस्था और अवैध अतिक्रमण के मामले में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है. एक तरफ बुलडोजर अपना काम कर रहा है, तो दूसरी तरफ कानून अपना. मस्जिद में नमाज पर रोक और भारी पुलिस बल की तैनाती यह सुनिश्चित करने के लिए है कि दोबारा कोई अप्रिय घटना न घटे. कोर्ट के फैसले और पुलिस की आगे की पूछताछ से ही तय होगा कि इस हिंसा के असली सूत्रधार कौन थे.
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