Delhi News: पुलिस क्राइम ब्रांच ने उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जो तीन दशक से फरार था. सलीम वास्टिक, जो हाल के दिनों में अपने विवादित बयानों और यूट्यूब वीडियो के कारण सुर्खियों में था, असल में 1995 के एक अपहरण और हत्या के मामले में दोषी पाया गया था.
अपहरण और हत्या की वारदात
यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली का है, जहां एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण किया गया था. अगले दिन अपहरणकर्ताओं ने 30,000 रुपये की फिरौती मांगी और बच्चे को जान से मारने की धमकी दी. जांच में सलीम खान पर शक गया, जो उस समय बच्चे के स्कूल में मार्शल आर्ट्स सिखाता था. पूछताछ में उसने जुर्म कबूल किया और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव मिला.
कोर्ट की सजा और फरारी
1997 में कोर्ट ने सलीम और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई. लेकिन 2000 में हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत के बाद सलीम गायब हो गया. 2011 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा बरकरार रखी, लेकिन तब तक वह अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर छिप चुका था.
पहचान बदलकर छिपा
पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने खुद को मृत घोषित कर दिया और नया नाम सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्टिक रख लिया. वह हरियाणा और यूपी में घूमता रहा और आखिरकार गाजियाबाद के लोनी में कपड़ों का कारोबार शुरू कर दिया.
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जांच में पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और फोटो से पुष्टि हुई कि चर्चित यूट्यूबर सलीम वास्टिक ही वही पुराना अपराधी है. इसके बाद पुलिस ने उसे लोनी से गिरफ्तार कर लिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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