दिल्ली पुलिस को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. अपराध शाखा की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 51 वर्षीय पवन कुमार नामक एक कुख्यात ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से लगभग 1.896 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है.
पवन कुमार को 4 जून 2025 को खजूरी चौक के पास उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह एक सफेद होंडा एक्टिवा स्कूटी पर ड्रग्स की डिलीवरी देने की फिराक में था. यह ऑपरेशन एएनटीएफ की टीम ने इंस्पेक्टर शिव कुमार के नेतृत्व और एसीपी राजकुमार की निगरानी में अंजाम दिया. टीम में एसआई सोमया कुल्हड़, एएसआई धर्मेंद्र, प्रवीण, नीरज, उपेंद्र, एचसी दीपक, सम्राट, मुकेश और कांस्टेबल विक्रांत शामिल थे.
पवन कुमार से पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि वह पिछले 15-20 वर्षों से हिमाचल प्रदेश से दिल्ली और आसपास के इलाकों में चरस की सप्लाई कर रहा था. वह एक टेम्पो ड्राइवर है और तस्करी के लिए स्कूटी का इस्तेमाल करता था. आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है – वर्ष 2011 में उसे हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के बंजार थाना क्षेत्र से 1 किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था और उस मामले में उसे हिमाचल हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था। वर्तमान मामले में अपराध शाखा ने पवन कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 20/25 के तहत एफआईआर नंबर 136/25 दर्ज की है और उसे एसआई देव द्वारा गिरफ्तार किया गया.
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पवन कुमार को गिरफ्तार करने के लिए गुप्त सूचना तंत्र और मजबूत निगरानी प्रणाली का सहारा लिया गया. पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत यह गिरफ्तारी इस दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम मानी जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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