Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

दिल्ली में उस्ताद मौज वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश, सात कारें और तीन बाइक बरामद

दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक वाहन चोरी निरोधक दस्ते ने बड़े वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह के तीन वाहन चोरों और एक रिसीवर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात कारें और तीन बाइक बरामद की गई हैं.

रिपोर्ट: मुकेश राणा


दिल्ली में उस्ताद मौज वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़ सेंट्रल डिस्ट्रिक वाहन चोरी निरोधक दस्ते की टीम ने तीन वाहन चोर ओर एक रिसीवर को गिरफ्तार किया कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. आरोपियों के कब्जे से 7 चोरी की कारे ओर 3 बाइक भी बरामद की है. सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी निधि वालसन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बापा नगर स्थित संत सेवा दास मंदिर के पास खड़ी एक मारुति ईको कार की चोरी की शिकायत प्रसाद नगर पुलिस थाने में दर्ज की गई थी.

दिल्ली पुलिस ने मेट्रो विहार में मारा छापा

शिकायतकर्ता के बयान पर प्रसाद नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ATS इंस्पेक्टर रघुवीर की टीम ने जाँच शुरू की पुलिस ने तकनीकी निगरानी की, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर स्थानीय मुखबिर को सक्रिय कर आरोपी गैंग के विषय में जानकारी हासिल की परिणामस्वरूप होलंबी कलां से सक्रिय एक संदिग्ध आरोपी की पहचान हुई. मेट्रो विहार, होलंबी कलां में छापेमारी कर आबिद उर्फ जावेद उस्ताद निवासी होलंबी कलां, मेट्रो विहार फेज-2, दिल्ली को गिरफ्तार किया गया. आपको बता दे कि आबिद पर पहले भी कई अपराधिक मामले दर्ज बताए जाते है.

लगातार पूछताछ के दौरान, आबिद ने चोरी में अपनी संलिप्तता कबूल करते हुए अपने दो साथियों के नाम बताए पुलिस ने होलंबी कला मेट्रो विहार निवासी आसिफ और दिलीप को भी गिरफ्तार कर लिया आरोपियों में खुलासा किया कि वो चोरी की कार के इंजन और चेसिस नंबर नष्ट कर कबाड़ में बेच दिया करते थे. पूछताछ करने पर आरोपी पुलिस टीम को सोनीपत ले गए, जहाँ आशीष नाम के एक व्यक्ति ने चोरी के वाहन आरोपियों से खरीदे थे. उसकी निशानदेही पर, थाना प्रसाद नगर क्षेत्र से चोरी की गई ईको कार और थाना आईपी एस्टेट के एक मामले से संबंधित एक सियाज कार भी बरामद की गई. कड़ी पूछताछ के दौरान, आबिद ने तीन और कारों और तीन मोटरसाइकिलों के बारे में बताया.

उसकी निशानदेही पर टीम ने तीन कारें (2 ईको और 1 क्रेटा) और तीन मोटरसाइकिलें बरामद कीं. आबिद ने खुलासा किया कि उसने मायापुरी के बाज़ार में ऐसी कई कारें बेची हैं.

रिहायशी इलाकों से वाहन चोरी का गुनाह

आबिद, आसिफ और दिलीप ने खुलासा किया कि वे रिहायशी इलाकों से कारें और मोटरसाइकिलें चुराते हैं. आबिद दुर्घटनाग्रस्त/क्षतिग्रस्त कारों के चेसिस खरीदता था, जिनका नंबर वह चोरी की कारों पर लगाता था. फिर वह चोरी की कारों के इंजन नंबर बना देता था, ताकि किसी भी तरह की पहचान न हो सके. अगर अच्छी रकम मिलती है, तो वे आमतौर पर वाहनों को तुरंत कबाड़ी को बेच देते हैं.


ये भी पढ़े: MTech Auto Bank Fraud Case: ED गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने 588.57 करोड़ की चल-अचल संपत्ति को किया कुर्क


भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital