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नशे के नेटवर्क पर DRI का बड़ा वार: मिजोरम में ₹9.72 करोड़ की मेथामफेटामिन टैबलेट्स जब्त, म्यांमार से तस्करी का खुलासा

DRI ने मिजोरम के सेलिंग में ₹9.72 करोड़ मूल्य की मेथामफेटामिन टैबलेट्स जब्त कर ड्रग्स तस्करी पर बड़ा प्रहार किया. म्यांमार से भारत आ रही तस्करी की कड़ी उजागर, NDPS एक्ट के तहत एक गिरफ्तार.

DRI drug seizure Mizoram

पूर्वोत्तर भारत में ड्रग्स तस्करी के बढ़ते खतरे पर एक और सटीक प्रहार करते हुए, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मिजोरम के सेलिंग इलाके में एक बड़ी कार्रवाई की है. 30 मई को आइजॉल-चाम्फाई हाईवे (NH-6) पर स्थित सेलिंग में एक महिंद्रा XUV500 से 9.72 किलोग्राम मेथामफेटामिन टैबलेट्स जब्त की गईं. अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इनकी कीमत करीब ₹9.72 करोड़ आंकी गई है.

DRI अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रतिबंधित ड्रग्स को गाड़ी की पिछली सीट में बनाए गए एक खास छिपे हुए चैंबर में बड़े ही चतुराई से छिपाया गया था. मौके से बरामद ड्रग्स और वाहन को जब्त कर लिया गया है, साथ ही एक व्यक्ति को NDPS Act, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है.

तस्करी की सीमा पार कड़ी – म्यांमार से मिजोरम के रास्ते भारत में घुसपैठ

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह ड्रग्स म्यांमार के जोखावतार सेक्टर से भारत में तस्करी कर लाया गया था। मिजोरम, जो भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित है, बीते कुछ वर्षों में नशे के व्यापार के लिए एक संवेदनशील गेटवे बनता जा रहा है.

2025 में अब तक ₹72 करोड़ से ज़्यादा की जब्ती

DRI की सख्त निगरानी और कार्रवाई के तहत जनवरी 2025 से अब तक मिजोरम में कुल ₹72 करोड़ से अधिक की मेथामफेटामिन और हेरोइन जब्त की जा चुकी है. इस दौरान कुल सात लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

NDPS कानून के तहत सख्त सज़ा

NDPS अधिनियम, 1985 के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक की कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील की कोई गुंजाइश नहीं है और नशे के जाल को जड़ से उखाड़ना प्राथमिकता है.

सवाल गहरे हैं – सीमाएं लीक क्यों हैं?

DRI की कार्रवाई प्रशंसनीय है, लेकिन यह भी सोचने का विषय है कि म्यांमार से इतनी भारी मात्रा में नशा भारत तक कैसे पहुंच पा रहा है? क्या हमारी सीमाएं पर्याप्त सुरक्षित हैं? और सबसे अहम – इस ज़हर को खरीदने वाला नेटवर्क देश के भीतर कितना फैला हुआ है?

नशा नहीं, भविष्य चाहिए

यह घटना सिर्फ एक बड़ी जब्ती नहीं है, यह एक चेतावनी है. देश को “विकसित भारत @2047” की दिशा में बढ़ाना है तो पहले अपने युवाओं को इस नशे के जाल से निकालना होगा. सीमाओं की निगरानी के साथ-साथ, समाज में जागरूकता और पुनर्वास पर भी उतना ही ज़ोर देना होगा.

-भारत एक्सप्रेस 



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