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नेपाल के चलते यूपी-बिहार के इन इलाकों में बाढ़ का ख़तरा, उफान पर राप्ती नदी

रौद्र रूप लेती राप्ती नदी

गोरखपुर- नेपाल में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है. जिसके कारण उससे सटे भारत के यूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ रहा है.खासतौर पर महाराजगंज,सिद्धार्थनगर और कुशीनगर बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं.बिहार के गाेपालगंज जिले के निचले इलाकाें के 43 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. वहां लोग भयभीत हैं. गोपालगंज के कुचायकोट, सदर, मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंडों में प्रशासन अलर्ट है. लगातार हो रही तेज बारिश के कारण 2 नदियों का जलस्तर पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है.  रोहिन नदी खतरे के निशान से 87 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, तो राप्ती नदी खतरे के निशान को पार करती हुई नजर आ रही  है. जिला प्रशासन ने नदियों में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है.

गोरखपुर पर भारी संकट

नेपाल के बार्डर इलाकों में रह रहे भारत के लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. नदियों में पानी का स्तर पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है. जिससे यूपी के मुुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर के लोगों  को भी मुसीबत में डाल दिया है. जलस्तर बढ़ने से बाढ़ से प्रभावित  इलाकों के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं. शहर में बाढ़ जैसे हालात बनते देख गोरखपुर के जिला प्रशासन ने  तटबंधों की निगरानी करने को कहा है. इसके साथ ही  प्रशासन ने सभी तहसीलों को बाढ़ चौकियों को 24 घंटे एक्टिव रखने के सख्त निर्देश दिए हैं. प्रशासन द्वारा इस आवश्यक निर्देश में कहा गया है कि, राजस्व, सिंचाई और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम निरंतर निरीक्षण कर तटबंधों की निगरानी करे.

राप्ती नदी खतरे के निशान पर

नेपाल से सटे भारत के इलाकों में नदियां उफान पर है. यहां  तक की राप्ती नदी तो खतरे के निशान को भी पार करती हुई नजर आ रही है. इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. गोरखपुर प्रशासन ने इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. आपदा प्रभारी और एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि राप्ती नदी शनिवार को खतरे का निशान पार कर सकती है.राप्ती नदी गोरखपुर जिले के 6 तहसीलों को सीधे प्रभावित करती है. राजेश कुमार ने बताया कि राप्ती नदी में पानी के स्तर को बढ़ते देख सभी तहसीलों और संबंधित विभाग स्तर पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाने और उससे 24 घंटे संपर्क में रहने के लिए अधिकारियों को सूचित किया गया है.

-भारत एक्सप्रेस



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