वैश्विक मंदी के बीच तमाम मल्टीनेशनल कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही है. इसी कड़ी में एडटेक कंपनी बायजू ने भी 1000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इस साल बायजू ने दूसरी बार इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को निकाला है. कंपनी में अभी भी कर्मचारियों की संख्या करीब 50 हजार है. ये ले ऑफ उस समय किया जा रहा है जब बायजू का एक अरब डॉलर के कर्ज भुगतान को लेकर कोर्ट में विवाद चल रहा है. छंटनी के जरिए कंपनी की लागत को कम करने की कोशिश की जा रही है.
कंपनी की तरफ से निकाले गए कर्मचारियों में प्लेटफॉर्म, ब्रांड, मार्केटिंग, बिजनेस, टेक टीम के अलावा प्रोडक्ट में काम करने वाले शामिल हैं. गौरतलब है कि बायजू देश के सबसे बड़े स्टार्टअप्स की फेहरिस्त में शामिल है. कंपनी में 50 हजार कर्मचारी काम करते हैं. कंपनी की वैल्यूएशन वैल्यू कभी 22 बिलियन डॉलर थी. कंपनी की शुरुआत साल 2011 में की गई थी. बीते 10 सालों में कंपनी ने जनरल अटलांटिक, ब्लैकरॉक और सिकोइया कैपिटल जैसे वैश्विक निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है.
जानकारी के मुताबिक, इस साल की गई दूसरी छंटनी के जरिए कंपनी कॉस्ट कटिंग कम करना चाहती है. इसीलिए मैन पावर में कटौती कर रही है. इस Layoff से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों में ज्यादातर ऑन ग्राउंड सेल्स टीम के लोग शामिल हैं. इसके अलावा संविदा या फिर कॉन्ट्रैक्ट बेस पर बायजू से जुड़कर काम कर रहे थे. जिनका रिक्रूटमेंट बायजू के लिए थर्ड पार्टियां करती हैं.
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माना जा रहा है कि कोरोना महामारी के दौरान जब लॉकडाउन लगा था तो उस समय कंपनी में जमकर हायरिंग की गई थी. कुछ समय तक तो माहौल पूरी तरह से कंपनी के पक्ष में जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे हालात सामान्य होने लगे और स्कूल-कॉलेज खुलने लगे तो इसका असर कंपनी पर भी पड़ने लगा. जिसके चलते अब कंपनी छंटनी कर रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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