रिपोर्ट-देवांशु गिरि
Jalaun Faheem suspicious death case: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में खाकी की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. एक पिता अपने 15 वर्षीय नाबालिग बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है. पीड़ित का आरोप है कि उसके बेटे फईम की हत्या की गई है, लेकिन स्थानीय पुलिस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल कर रही है. थक-हारकर पीड़ित पिता जिला मुख्यालय पहुंचा और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के सामने अपना दुखड़ा रोया.
पीड़ित पिता ने क्या आरोप लगाए?
दरअसल मामला जालौन के गोहन थाना क्षेत्र का है. जिसको लेकर पीड़ित पिता ने बताया कि उसका बेटा फईम अभी सिर्फ 15 साल का था. उसकी अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया है. पिता का दावा है कि परिस्थितियां चीख-चीखकर कह रही हैं कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है. उन्होंने कुछ लोगों पर नामजद शक भी जताया है, लेकिन आरोप है कि गोहन थाना पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
थाने से मिली मायूसी, तो पहुंचे एसपी की चौखट पर
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद से ही वह कई बार थाने के चक्कर लगा चुका है. हर बार उसे केवल आश्वासन का झुनझुना थमा दिया गया. जब थाना स्तर पर सुनवाई के सारे रास्ते बंद नजर आए, तो वह न्याय की आखिरी उम्मीद लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा. वहां उसने एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार को शिकायती पत्र सौंपकर मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.
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इंसाफ की उम्मीद में परिवार
बेटे की मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. पिता का कहना है कि बेटा तो अब लौटकर नहीं आएगा, लेकिन अगर उसके हत्यारे खुलेआम घूमते रहे तो यह कानून पर से भरोसे के उठ जाने जैसा होगा. इधर, एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं. अब सवाल यह है कि क्या एसपी के हस्तक्षेप के बाद गोहन पुलिस अपनी नींद से जागेगी? क्या फईम के पिता को वह न्याय मिल पाएगा जिसके लिए वह सड़कों पर खाक छान रहा है?
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-भारत एक्सप्रेस
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