Goa Temple Stampede: गोवा के शिरगांव गांव में हर साल की तरह इस बार भी लइराई देवी की पारंपरिक जात्रा का आयोजन किया गया था, लेकिन इस धार्मिक उत्सव के दौरान अचानक मची भगदड़ ने भारी तबाही मचा दी. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की जान चली गई है, जबकि लगभग 30 ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
यह भगदड़ उस वक्त हुई जब मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे और किसी कारण अफरातफरी फैल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते-पड़ते जान बचाने की कोशिश कर रहे थे. माहौल बेहद भयावह हो गया था.
सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं और घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया. फिलहाल घायलों का इलाज जारी है. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि घायल कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है.
हादसे की वजह क्या थी?
हालांकि अधिकारियों ने अभी तक भगदड़ के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन रिपोर्टों से संकेत मिल रहे हैं कि आयोजन स्थल पर जरूरत से ज्यादा भीड़ जमा हो गई थी और व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं. भीड़ पर नियंत्रण न होने की वजह से अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ की स्थिति पैदा हुई. नॉर्थ गोवा के पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और जल्द ही स्थिति को स्पष्ट किया जाएगा.
मुख्यमंत्री पहुंचे अस्पताल
घटना की गंभीरता को देखते हुए गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और अधिकारियों से राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए.
Goa: A stampede during the Shirgaon Temple procession in Goa resulted in 6 deaths and 30 serious injuries. Panic spread in the crowded area, and emergency services quickly responded. Preliminary reports suggest overcrowding and lack of proper arrangements as possible causes. Goa… pic.twitter.com/dPlVYlIns2
— IANS (@ians_india) May 3, 2025
क्या है शिरगांव जात्रा?
शिरगांव का यह उत्सव लइराई देवी की पूजा के लिए प्रसिद्ध है. यह जात्रा हर साल चैत्र महीने में मनाई जाती है और इसमें हज़ारों श्रद्धालु शामिल होते हैं. भक्त पवित्र झील में स्नान करते हैं, व्रत रखते हैं और अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं.
शिरगांव गांव की खासियत यह है कि यहां लइराई देवी के सम्मान में कई पारंपरिक नियमों का पालन होता है — जैसे कि शराब, अंडा और मांस पूरी तरह प्रतिबंधित हैं. यहां तक कि घोड़ों को भी गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाता.
फिलहाल इस दुखद हादसे की जांच जारी है और प्रशासन ने शिरगांव जात्रा जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के उपायों को मजबूत करने का आश्वासन दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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