Government Notice to Meta: सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है. इंस्टाग्राम पर मात्र ₹99 में बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट (CSEAM) का प्रचार करने वाले पेड विज्ञापन दिखने के बाद, भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेटा (Meta) को नोटिस जारी किया है.
आईटी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के शोषण से जुड़े विज्ञापनों के प्रसारण को लेकर मेटा को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है. सरकार ने कंपनी से पूछा है कि उनका एल्गोरिदम ऐसे कंटेंट को प्रमोट कैसे कर रहा था. इसके साथ ही, सुरक्षा कारणों से व्हाट्सऐप के आगामी ‘यूजरनेम फीचर’ को भी फिलहाल रोकने का निर्देश दिया गया है.
जांच में चौंकाने वाला खुलासा (Government Notice to Meta)
एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस (बीबीसी) की जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट (CSEAM) का प्रचार करने वाले पेड विज्ञापन चल रहे थे. इन विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजा जाता था, जहां महज ₹99 में अवैध सामग्री देने का दावा किया गया.
सरकार की सख्त कार्रवाई (MeitY 7 days ultimatum)
इस खुलासे पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कड़ा रुख अपनाया है. सरकार ने मेटा अधिकारियों को तलब कर ऐसे सभी विज्ञापन तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. साथ ही, कंपनी को 7 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब सौंपने का अल्टीमेटम दिया है कि उसका एल्गोरिदम ऐसे कंटेंट को प्रमोट कैसे कर रहा था.
मेटा का रुख और कानूनी पक्ष (Instagram paid ads controversy)
मेटा ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हवाला देते हुए कहा कि वे AI तकनीक से इसे हटाने का प्रयास कर रहे हैं. भारत में IT Act की धारा 67(B) के तहत ऐसा कंटेंट बनाना या फैलाना दंडनीय अपराध है. इसके अलावा, सरकार ने सुरक्षा चिंताओं के कारण व्हाट्सऐप के आगामी ‘यूजरनेम फीचर’ को भी फिलहाल रोकने का निर्देश दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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