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गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर ग्वालियर से सबसे ज्यादा भेजे जाते हैं तिरंगे, महिलाएं संभालती हैं जिम्मेदारी

National Flag Manufacturing: ग्वालियर स्थित मध्य भारत खादी संघ उत्तर भारत की इकलौती संस्था है जहां राष्ट्रीय ध्वज तैयार होते हैं. यहां 90% महिलाएं तिरंगे का निर्माण करती हैं.

मनोज चौबे, ग्वालियर

National Flag Manufacturing: देश 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है और हर जगह तैयारियां जोरों पर हैं. इसी बीच ग्वालियर का नाम खास तौर पर सामने आता है क्योंकि यहीं स्थित मध्य भारत खादी संघ उत्तर भारत की इकलौती संस्था है जहां राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जाते हैं. यहां काम करने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं, जो तिरंगे को बारीकी से बनाती हैं. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 तक यहां से 36 लाख से ज्यादा तिरंगे 14 राज्यों में भेजे जा चुके हैं, जिनकी कीमत डेढ़ करोड़ से अधिक है.

तिरंगे का गौरव और ग्वालियर की अहमियत

तिरंगा जब भी लहराता है तो हर भारतीय का गर्व बढ़ जाता है. उत्तर भारत में ग्वालियर ही एकमात्र जगह है जहां राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण होता है. यहां बने झंडे संसद भवन, लाल किला और दूतावास जैसी महत्वपूर्ण इमारतों पर शान से फहराए जाते हैं. इस संस्था की खासियत यह है कि करीब 90 प्रतिशत महिला कर्मचारी ही कपड़े काटने से लेकर झंडे की टेस्टिंग तक का काम करती हैं.

तीन जगह बनते हैं राष्ट्रीय ध्वज

देशभर में राष्ट्रीय ध्वज कर्नाटक के हुबली, मुंबई और उत्तर भारत में ग्वालियर केवल तीन स्थानों पर तैयार होते हैं. ग्वालियर इकाई की प्रभारी नीलू के अनुसार यहां अलग-अलग आकार के झंडे बनाए जाते हैं, जैसे 2×3, 3×4.5 और 4×6. हर झंडे को तैयार करने से पहले लगभग 20 तरह की टेस्टिंग होती है, जिसमें कपड़े की गुणवत्ता, रंग और अशोक चक्र का आकार जैसे मानक देखे जाते हैं. एक झंडा पूरी तरह तैयार होने में 5 से 6 दिन का समय लगता है.

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संस्था का इतिहास और मान्यता

मध्य भारत खादी संघ की शुरुआत 1925 में चरखा संघ के रूप में हुई थी. 1956 में इसे आयोग का दर्जा मिला और कई राजनीतिक हस्तियां इससे जुड़ीं. 2016 में इस संस्था को प्रमाणित राष्ट्रीय ध्वज बनाने की आधिकारिक मान्यता मिली. तब से लगातार यहां झंडों का निर्माण हो रहा है और अब तक 14 राज्यों को झंडे भेजे जा चुके हैं. रमाकांत शर्मा ने बताया कि 26 जनवरी और 15 अगस्त पर झंडों की मांग सबसे ज्यादा रहती है. फिलहाल भी ऑर्डर के मुताबिक झंडे तैयार किए जा रहे हैं और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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