Harish Rawat Resignation: उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त बहुत बड़ा सियासी भूचाल आ गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) की वीपीडीओ (VPDO) भर्ती परीक्षा-2016 घोटाले में ताबड़तोड़ छापेमारी की. दरअसल इस कार्रवाई के दौरान ईडी के निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी (OSD) और निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना आ गए. जीना के ठिकानों से बेहिसाबी नकदी, सोने-चांदी के सिक्के और दुनिया की सबसे महंगी घड़ियों का जखीरा बरामद हुआ.
इस खुलासे के बाद जैसे ही मामले में अपना नाम घसीटते देखा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस के सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया.
कौन हैं चंदन सिंह जीना?
चंदन सिंह जीना उत्तराखंड की नौकरशाही और राजनीतिक गलियारों में एक जाना-पहचाना नाम हैं. दरअसल हरीश रावत के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान जीना उनके विशेष कार्याधिकारी (OSD) और बाद में निजी सहायक (PA) जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभालते रहे हैं.
हरीश रावत खुद उन्हें एक “सज्जन और विनम्र कार्यकर्ता” मानते रहे हैं. हालांकि, 2016 के बहुचर्चित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती घोटाले में ओएमआर (OMR) शीट से छेड़छाड़ और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की आंच अब सीधे चंदन सिंह जीना तक पहुंच गई है.
जीना के घर से क्या-क्या मिला?
10 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ईडी की टीमों ने UKSSSC के पूर्व चेयरमैन, सचिव और बिचौलियों के साथ-साथ चंदन सिंह जीना के परिसरों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया. तलाशी के दौरान जीना के घर से जो मिला, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए:
नगदी: ₹32 लाख की बेहिसाबी नगदी बरामद हुई.
सोना-चांदी: 200.5 ग्राम सोना, जिसमें 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन शामिल हैं.
लग्जरी घड़ियां: 12 बेहद महंगी और ब्रांडेड घड़ियां बरामद हुईं, जिनमें Rolex, Rado, Omega, Piaget, Movado, Tissot और Casio शामिल हैं. ईडी इन ब्रांडेड घड़ियों की असली कीमत का आकलन कर रही है.
हरीश रावत ने इस्तीफे का किया ऐलान(Harish Rawat Resignation)
अपने पूर्व ओएसडी के घर इतने बड़े पैमाने पर काली कमाई और गहने मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक लंबा-चौड़ा बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य के पदों से त्यागपत्र दे रहे हैं. रावत ने कहा, “राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है. ऐसे समय में मेरे किसी सहयोगी के कृत्य से पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आए, यह मैं बिल्कुल नहीं चाहता. इसलिए अपने ईष्ट देवता का स्मरण कर मैं पदों से हटने का निर्णय ले रहा हूं.”
जनता से मांगी क्षमा
पूर्व सीएम ने अपने 3 साल के कार्यकाल के दौरान हुई 42,000 सरकारी भर्तियों का बचाव करते हुए कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन राज्य के युवाओं के भविष्य के लिए किया गया था. हालांकि, भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों पर भावुक होते हुए उन्होंने लिखा कि यदि उस प्रक्रिया में हमसे कोई ‘एरर ऑफ जजमेंट’ हुआ है, तो मैं उत्तराखंड की जनता से क्षमा प्रार्थी हूं. यदि इस मामले में मेरी संलिप्तता का 1% भी प्रमाण मिले, तो सीबीआई या ईडी मुझे सख्त से सख्त सजा दे, मैं दंड का पात्र हूं.
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-भारत एक्सप्रेस
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