IPS Y Pooran Kumar Suicide Case: चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में 7 अक्टूबर की सुबह गोली चलने की एक आवाज ने हरियाणा के पूरे प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया. यह गोली किसी अपराधी पर नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और सख्त-निडर छवि वाले ADGP वाई पूरन कुमार ने खुद को मारी थी. उनकी सर्विस रिवॉल्वर से निकली इस गोली ने उनके लंबे और संघर्षपूर्ण करियर का अंत कर दिया. लेकिन यह सिर्फ एक आत्महत्या का मामला नहीं है. घटनास्थल से मिला 8 पन्नों का सुसाइड नोट एक ऐसी विभागीय साजिश की तरफ इशारा करता है, जिसने इस अधिकारी को हार मानने पर मजबूर कर दिया.
हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के पास से 8-9 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है. उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कुमार ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्हें विभाग में लगातार मानसिक और प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ा. उन्होंने पूर्व डीजीपी हरियाणा समेत 35 आईपीएस अफसरों और कुछ आईएएस अधिकारियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. अब हरियाणा पुलिस और प्रशासन के ‘डर्टी सीक्रेट्स’ को बाहर लाने वाली है.
करियर और अंतिम तैनाती (IPS Pooran Kumar Career)
पूरण कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और अपने सख्त और निर्भीक स्वभाव के लिए जाने जाते थे. हाल ही में उन्हें रोहतक रेंज के आईजी पद से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) सुनारिया में आईजी के तौर पर भेजा गया था, जिसे एक तरह की सजा के रूप में देखा जा रहा था.
- पूरन कुमार अपने करियर में सख्त, निर्भीक और विभाग के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने वाले अफसर के तौर पर जाने जाते थे.
- 29 सितंबर को उन्हें रोहतक रेंज के IG पद से हटाकर PTC सुनारिया में IG बनाया गया था, जिसे विभागीय हलकों में ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ माना जा रहा था.
- उन्होंने अपने करियर में कई बार पोस्टिंग, आवास आवंटन और विभागीय मनमानी के खिलाफ हरियाणा हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं.
उत्पीड़न और साजिश का आरोप (IPS Pooran Kumar Suicide Note)
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब उनके गनमैन सुशील कुमार पर एक शराब कारोबारी से रिश्वत मांगने का आरोप लगा. पूछताछ में सुशील ने स्वीकार किया कि उसने पूरन कुमार के कहने पर शराब कारोबारी से मंथली राशि मांगी थी. इसके बाद सुशील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
- सुसाइड नोट में 8 आईपीएस और 2 आईएएस अधिकारियों पर मानसिक और प्रशासनिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप हैं.
- उन्होंने पूर्व डीजीपी हरियाणा को सबसे ज्यादा निशाना बनाया है.
- नोट में जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, एसीआर में गड़बड़ी, और प्रशासनिक शिकायतों में अनदेखी का जिक्र है.
विवादों से भरा करियर, संपत्ति और पारिवार (IPS Pooran Kumar Family and Controversy)
पूरी घटना की जांच की जा रही है, जिसमें फॉरेंसिक टीम ने कई अहम सबूत जुटाए हैं. कुमार की पत्नी अमनीत कौर, जो एक आईएएस अधिकारी हैं, घटना के समय जापान दौरे पर थीं. आत्महत्या के कारणों का अभी तक पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि विभागीय दबाव और रिश्वत के आरोपों ने उन्हें इस कदम के लिए मजबूर किया.
- सुसाइड नोट के जरिए अपनी पूरी संपत्ति अपनी पत्नी आईएएस अमनीत कौर के नाम कर दी है.
- पुलिस जांच में एक बार पूरन कुमार का नाम तब सामने आया था जब उनके PSO सुशील कुमार ने एक शराब कारोबारी से ₹2.5 लाख की मंथली राशि मांगी थी. इस मामले में PSO को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.
- पहले भी तत्कालीन डीजीपी मनोज यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर व्यक्तिगत रंजिश और जातीय भेदभाव के चलते टारगेट करने का आरोप लगाया था.
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IPS वाई पूरन कुमार की आत्महत्या की यह घटना सिर्फ एक अधिकारी की निजी त्रासदी नहीं है, बल्कि उस प्रशासनिक तंत्र की विफलता का एक स्याह पन्ना है, जहां एक निर्भीक अधिकारी को लगातार उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा. उनका 8 पन्नों का सुसाइड नोट अब एक अंतिम गवाही बन गया है. एक तरफ जहां उनकी पत्नी विदेश में राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही थीं, वहीं दूसरी तरफ पति अपने ही घर में सर्विस रिवॉल्वर से अपनी जिंदगी खत्म कर चुका था. इस मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह पता चल पाएगा कि क्या यह सिर्फ तनाव का परिणाम था, या फिर प्रशासनिक के गलियारों में रची गई उस साजिश का.
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