दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली में महिला सम्मान योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये देने के आम आदमी पार्टी के चुनावी वादे के खिलाफ दायर याचिका पर 21 मई को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान वकील पेश नही हुए जिसके चलते सुनवाई को हाई कोर्ट ने टाल दिया है.
जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही हैं. इससे पहले कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा था कि आप जाए और जनहित याचिका दायर करें. यह याचिका विजय कुमार की ओर से दायर की गई है. याचिकाकर्ता विजय कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी झूठी घोषणा कर मददाताओं को लुभा रही है, क्योंकि दिल्ली सरकार पहले ही ऐसी किसी योजना से इनकार कर चुकी है. पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील शिव शंकर पराशर ने कहा था कि आम आदमी पार्टी की ओर से घोषित मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना पर रोक लगाई जाए.
उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी मददाताओं को गलत तरीके से लुभाने के लिए ऐसा कर रही है. उन्होंने कहा दिल्ली सरकार खुद योजना से इनकार कर चुकी है. याचिकाकर्ता विजय कुमार ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने महिलाओं को 2100 रुपये मासिक वजीफा देने का झूठा वादा कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है. उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नही हुई.
बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 12 दिसंबर 2024 को विधानसभा चुनाव को मद्देनजर मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की घोषणा की. याचिका में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ए श्रमिकों द्वारा योजना से संबंधित फॉर्म भरने पर रोक लगाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि अगर शिकायत पर फैसला नही हुआ तो दिल्ली की महिला मतदाता प्रभवित होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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