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पहाड़ों पर मौसम का यू-टर्न: लाहौल-स्पीति में ताजा बर्फबारी, किन्नौर के सेब बागवानों पर मंडराया आफत का साया; देखें VIDEO

Himachal Weather Update: सितंबर के अंत में ही हिमाचल के पहाड़ों पर दिसंबर जैसी हाड़ कंपाने वाली ठंड लौट आई है. किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बेमौसम बर्फबारी और बारिश के बाद का दृश्य, जिससे क्षेत्र में ठंड और सेब बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

(PC: भारत एक्सप्रेस)

Himachal Weather Update:अमित सारटा/शिमला: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सितंबर के अंतिम दिनों में कुदरत का अनोखा रूप देखने को मिल रहा है, जहां अचानक हुई बर्फबारी ने दिसंबर जैसी कड़ाके की ठंड की शुरुआत कर दी है.

किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में कल से जारी बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है. बर्फ की चादर बिछने से जहां छितकुल और लाहौल के इलाके जम गए हैं, वहीं किन्नौर में जारी सेब सीजन के बीच इस बेमौसम बर्फबारी ने स्थानीय बागवानों की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं.

हिमाचल में बर्फबारी से पहाड़ों पर जमी सफेद चादर

सितंबर का आखिरी हफ्ता खत्म होते-होते हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय इलाकों में मौसम ने अचानक भयानक करवट ले ली है. किन्नौर से लेकर लाहौल-स्पीति तक के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. सितंबर के महीने में ही दिसंबर जैसी हाड़ कंपाने वाली ठंड का अहसास होने लगा है. कल से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का दौर आज सुबह भी जारी रहा, जिससे पूरा इलाका बर्फ की सफेद आगोश में समा गया है.

छितकुल से कुन्नू-चारंग तक बर्फ ही बर्फ

किन्नौर के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. प्रसिद्ध पर्यटन स्थल छितकुल से लेकर कुन्नू-चारंग तक के पहाड़ पूरी तरह सफेद हो चुके हैं. वहीं दूसरी ओर लाहौल-स्पीति में आज सुबह ताजा बर्फबारी होने से जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है. अचानक बढ़ी इस ठिठुरन ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी हैरान कर दिया है.

सेब की फसल पर संकट, बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें

मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने सबसे बड़ी आफत किन्नौर के सेब बागवानों के लिए खड़ी कर दी है. क्षेत्र में इस समय सेब का पीक सीजन चल रहा है. तुड़ाई से लेकर तैयार फसल को मंडियों तक पहुंचाने का काम जोरों पर है. ऐसे में ऐन वक्त पर हुई इस बर्फबारी और बारिश ने सेब खराब होने और रास्ते बंद होने का खतरा बढ़ा दिया है. मौसम की यह मार सीधे तौर पर बागवानों की कमर तोड़ सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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