Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Holi-2024: वृन्दावन में भक्ति के रंग में रंगे दिखे देशी-विदेशी श्रद्धालु, श्री प्रियाकांत जू मंदिर में जमकर खेली होली

देश-विदेश से श्रद्धालु होली खेलने के लिए लगातार श्रीकृष्ण के धाम पहुंच रहे हैं. रविवार को भी वृंदावन में धूमधाम से होली खेली गई.

होली खेलते भक्त

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Holi-2024 In Vrindavan: उत्तर प्रदेश के साथ ही पूरा देश होली के रंग में मगन नजर आ रहा है. तो वहीं तीर्थनगरी मथुरा में एक अलग ही होली देखने को मिल रही है. यहां पर भक्त अपने भगवान कान्हा के साथ मंदिर में होली खेल रहे हैं. देश-विदेश से आए श्रद्धालु लगातार श्रीकृष्ण के धाम पहुंच रहे हैं. रविवार को भी वृंदावन में धूमधाम से होली खेली गई. यहां भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर के मंदिर प्रियाकांत जू पर होली खेलने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश से भक्त पहुंचे तो वहीं देवकीनन्दन ठाकुर ने घंटों लोगों पर रंग बरसाया. इस दौरान लोग कान्हा की भक्ति में रमे नजर आ रहे थे.

बता दें कि वृंदावन स्थित ठाकुर प्रियाकांत जू मंदिर पर प्रत्येक वर्ष इसी तरह से होली खेली जाती है और इस होली का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं. देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज के साथ मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल और फूलों की होली खेली. मंदिर अट्टालिका से भक्तों पर हाइड्रोलिक पिचकारी से रंग गिराया तो श्रद्धालु झूमकर नृत्य करने लगे. भक्तजन ब्रज के रंगों में रंगे नजर आए. मालूम हो कि प्रियाकांत जू मंदिर पर विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा होली महोत्सव का आयोजन हर साल किया जाता है. सुबह से ही यहां पर रंगों की बारिश होने लगती है और एक-एक कर लाखों में यहां पर भक्त एकत्र होकर भक्ति के रंग से सराबोर होता है. देवकीनंदन महाराज ने प्रियाकांत जू विग्रह पर गुलाल लगाया. उसके बाद कलाकारों ने नगाढ़ा बजाकर होली महोत्सव की शुरूआत की. इसके बाद फूलों की होली का आयोजन हुआ.

ये भी पढ़ें-धर्मनगरी में अश्लीलता का खेल: होली मिलन के नाम पर वृंदावन के पास कराया गया वैली डांस, परोसी गई मदिरा, पॉश कॉलोनी में हुई कॉकटेल पार्टी

जानें कब खेली जाएगी होली

आज रात में होलिका दहन के बाद ही रंग शुरू हो जाएगा. हालांकि आचार्यों के मुताबिक होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा को भद्रा के बाद शुभ मुहूर्त में करते हैं, जबकि रंगों वाली होली चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि में खेली जाती है. हिंदू पंचांग में होली का उत्सव फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है लेकिन इस बार 25 और 26 को दो पूर्णिमा हैं, जिस वजह से होली खेलने को लेकर लोग दुविधा में हैं. ऐसे में इस साल फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 24 मार्च को सुबह 9:23 से लेकर 25 मार्च को दोपहर 12:29 तक है. लेकिन होली का त्योहार 25 मार्च को नहीं मनाया जाएगा क्योंकि उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि सुबह दोपहर 12:29 तक मान्य है. उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान और दान तो होगा लेकिन रंग खेलने के लिए आचार्यों ने 26 मार्च के दिन को ही शुभ माना है. हालांकि अलग-अलग मान्यताओं के चलते कई जगहों पर 25 तो कहीं-कहीं 26 मार्च को होली मनाई जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस

 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital