भारत और नेपाल ने 27-28 फरवरी 2025 को नई दिल्ली में 9वीं प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी (PSC) और 7वीं संयुक्त कार्यसमूह (JWG) की बैठक का आयोजन किया. इस बैठक का उद्देश्य भारत-नेपाल के बीच चल रही सीमा पार रेल परियोजनाओं की समीक्षा और रेलवे क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाना था.
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (DPA-III) श्री रोहित राठीश ने किया, जबकि संयुक्त कार्यसमूह (JWG) का नेतृत्व रेल मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक (ट्रैफिक ट्रांसपोर्टेशन-फ्रेट) श्री प्रदीप ओझा ने किया. वहीं, नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेपाल के भौतिक अवसंरचना और परिवहन मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सुशील बाबू ढकाल ने किया.
बैठक के प्रमुख बिंदु
सीमा पार रेल परियोजनाओं की समीक्षा:
भारत और नेपाल के बीच संचालित और निर्माणाधीन रेलवे परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई.
रेलवे क्षेत्र में सहयोग का विस्तार:
दोनों देशों ने रेलवे क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के उपायों पर विचार किया.
रेल परिचालन और कनेक्टिविटी:
नई रेलवे लाइनों की संभावनाओं, माल और यात्री परिवहन को सुगम बनाने पर चर्चा की गई.
सीमा पार रेलवे परियोजनाओं को गति मिलेगी
बैठक में विशेष रूप से जयनगर-बिजलपुरा-बर्दीबास रेलवे लाइन, जोगबनी-विराटनगर और रक्सौल-काठमांडू रेलवे परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और यात्री व माल ढुलाई सेवाओं को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
भारत-नेपाल संबंध होंगे और प्रगाढ़
भारत और नेपाल के बीच रेलवे सहयोग न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाने में सहायक है, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करता है. दोनों देशों ने भविष्य में और बेहतर समन्वय के साथ परियोजनाओं को पूरा करने पर सहमति जताई. यह बैठक भारत-नेपाल संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
-भारत एक्सप्रेस
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