PAK आतंकी.
भारत ने अपनी सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए आतंकवाद को बढ़ते तनाव की पहली सीढ़ी घोषित किया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए, के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए.
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने 8 मई को कहा था, “पहलगाम हमला ही मूल तनाव की शुरुआत है.” यह बयान भारत की नई नीति को रेखांकित करता है कि आतंकवादी हमला ही युद्ध की शुरुआत माना जाएगा, न कि उसका जवाब.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नीति को ‘Modi Doctrine’ के रूप में पेश करते हुए कहा कि भारत अब परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकानों और 11 एयरबेस को नष्ट किया, जिससे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को गहरा झटका लगा. भारत ने इस दौरान नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया, जिससे उसकी नैतिक और रणनीतिक प्रतिबद्धता उजागर हुई.
हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत पर ‘फितना अल हिंदुस्तान’ का आरोप लगाया, जिसे भारत ने खारिज करते हुए लश्कर-ए-तैबा की शाखा ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ को जिम्मेदार ठहराया. भारत ने वैश्विक समुदाय से आग्रह किया कि पाकिस्तान के आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए दबाव बनाया जाए.
पूर्व राजनयिक गौतम बंबावाले ने लिखा कि भारत को वैश्विक मंचों पर यह स्थापित करना होगा कि आतंकवाद परमाणु देशों के बीच तनाव की पहली सीढ़ी है. इस नीति ने पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग कर दिया, जिससे वह संघर्षविराम की मांग करने को मजबूर हुआ. यह भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है.
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