अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी.
भारत और अमेरिका के बीच होने वाली 9 जुलाई की ट्रेड डील का दोनों देशों को इंतजार है. ऐसा माना जा रहा है कि 9 जुलाई तक की छोटी डील दोनों देशों के बीच हो जाएगी. जानकारों का कहना है कि फाइनल और बड़ी डील के लिए अभी 3 महीने का इंतजार करना होगा. तब तक बीच का रास्ता अपनाया जाएगा. अमेरिकी और भारत के बीच में होने वाले टैरिफ डील को लेकर अमेरिकी मामलों के जानकार रोविन्द्र सचदेव से खास बातचीत हुई.
उन्होंने कहा, 2030 तक भारत और अमेरिका के बीच में ट्रेड को दोगुना करने का लक्ष्य है, जो 75 सालों में 130 बिलियन डॉलर के आस-पास पहुंच चुका है.
भारत और अमेरिका के बीच वर्तमान कारोबार
वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच कुल माल व्यापार लगभग $129.2बिलियन था. जिसमें भारत का अमेरिका में आयात भी शामिल है. वित्तवर्ष 2023–24 (अप्रैल–जनवरी) में द्विपक्षीय व्यापार लगभग $119.7 बिलियन था, जिसमें भारत का अमेरिका में माल निर्यात $77.5 बिलियन और आयात $42.2 बिलियन था. 2025 की शुरुआत में जनवरी–मार्च तक, भारत से अमेरिका निर्यात $11.2 बिलियन प्रति माह तक पहुंचा, जो एक रिकॉर्ड स्तर था.
अमेरिका द्वारा लगाए गए मुख्य टैरिफ
अमेरिका ने अप्रैल 2025 में भारतीय सामानों पर 26% तक के ‘reciprocal’ टैरिफ लगाने की घोषणा की है. लेकिन वह फिलहाल 10% पर स्थिर रहा है, क्योंकि जुलाई 9 तक बातचीत फाइनल होनी है. भारत GM कृषि वस्त्रों (जैसे GM कॉर्न, सोयाबीन, चावल, गेहूं) पर भारतीय टैरिफ कम करना नहीं चाहता क्योंकि, इससे छोटे किसानों को नुकसान हो सकता है.
स्टील, ऑटो पार्ट्स, फार्म प्रोडक्ट्स पर बहस
भारत अखरोट, क्रैनबेरी, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा उत्पादों पर दरें कम करने पर सहमत है. वही भारत की चिंता है कि कृषि क्षेत्र के लिए US से आने वाले सस्ते कृषि उत्पादों से खाद्यान्न सुरक्षा और छोटे किसानों की जीविका पर खतरा हो सकता है. अमेरिका और भारत दोनों 9 जुलाई की समयसीमा के तहत तेजी से बातचीत कर रहे हैं. ट्रंप प्रशासन ने पहले कहा था कि वे कई ट्रेड समझौतों को 9 जुलाई तक पूरा करना चाहते हैं.
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भारत एक्सप्रेस
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