PL-15E Missile
भारत ने चीन से आपूर्ति की गई PL-15E बियॉन्ड विज़ुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) के मलबे को एक मित्र देश को सौंपने का फैसला किया है. यह कदम उस मित्र राष्ट्र के आधिकारिक अनुरोध के बाद उठाया गया है, जो मिसाइल की तकनीकी जांच में रुचि रखता है.
गौरतलब है कि हालिया संघर्ष के बाद भारतीय क्षेत्र में इस चीनी मिसाइल के कम से कम आठ टुकड़े बरामद किए गए थे, जिनमें से दो लगभग सुरक्षित स्थिति में पाए गए. इन टुकड़ों में मिसाइल की आंतरिक संरचना और तकनीकी डेटा से जुड़ी अहम जानकारी मौजूद है, जो विश्लेषण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
अमेरिका, जापान और फ्रांस जैसे देशों ने भी इस मिसाइल के मलबे का विश्लेषण करने में गहरी रुचि दिखाई है. हालांकि, भारत ने यह मलबा फिलहाल एक अज्ञात लेकिन मित्र राष्ट्र को सौंपने का निर्णय लिया है, जो इन क्षतिग्रस्त लेकिन आंशिक रूप से सुरक्षित टुकड़ों का गहन अध्ययन करेगा.
PL-15E मिसाइल चीन की आधुनिकतम लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलों में से एक है, जो 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लक्ष्य को भेदने की क्षमता रखती है. इस मिसाइल की तकनीक और प्रदर्शन को लेकर दुनियाभर के रक्षा विश्लेषकों में खासा उत्साह है.
भारत द्वारा लिए गए इस निर्णय को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह न केवल मित्र देशों के साथ तकनीकी सहयोग को मजबूत करता है, बल्कि भारत की खुफिया क्षमताओं और क्षेत्रीय निगरानी प्रणाली की सफलता को भी दर्शाता है.
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