Earthquake: तुर्कीयेऔर सीरिया में बीते सोमवार (6 फरवरी) को आए भूकंप से भीषण तबाही मची है. इस आपदा में मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. ताजा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक इस आपदा की वजह से 8,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मलबे के नीचे अभी भी हजारों लोगों के दबे होने की आशंका है. भूकंप (Earthquake) की त्रासदी से जूझ रहे तुर्की को राहत सामग्री के अलावा भारत की ओर से चिकित्सा सुविधा भी भेजा गया है.
भारत ने गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे से IAF की C17 प्लेन 30 बिस्तरों समेत चिकित्सा सुविधा तुर्कीये भेजा. इसमें 54 सदस्यीय मेडिकल टीम थी जिसमें क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ और सर्जन शामिल हैं. इसमें एक्स-रे मशीन, वेंटिलेटर, OT और अन्य आवश्यक उपकरण भी मौजूद हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक इसमें भारतीय सेना की चिकित्सा टीम के साथ-साथ चिकित्सीय सुविधा स्थापित करने के लिए चिकित्सा और अन्य उपकरण शामिल हैं.
गौरतलब है कि भूकंप (Earthquake) के झटके झेलने के कारण तुर्कीये और सीरिया में 8 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत में तुर्कीये को राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से निर्णय लिया गया कि राहत सामग्री के साथ एनडीआरएफ, मेडिकल टीम, और बचाव टीमों को तुरंत तुर्की भेजा जाएगा. पीएमओ के निर्णय के उपरांत एनडीआरएफ की दो टीमें, विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड और आवश्यक उपकरणों के साथ 100 कर्मियों को राहत और बचाव के लिए तुर्कीये भेज गया है.
गौरतलब है कि इससे पहले तुर्कीये के लिए मानवीय सहायता ले जा रहे भारतीय विमान को पाकिस्तान ने एयरस्पेस देने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान के इस रवैया के कारण भारतीय विमान को लंबा चक्कर लगाते हुए दूसरे रूट से तुर्कीये पहुंचना पड़ा. एक संकटग्रस्त देश की मदद में अड़ंगा डालने पर पाकिस्तान विश्व समुदाय के समक्ष निंदा का पात्र बनकर उभरा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि अस्थिरता के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान की हरकत से विश्व समुदाय के समक्ष उसकी साख और कमजोर हुई है. ऐसे में राहत सामग्री लेकर भारत का जो विमान तुर्कीये के लिए रवाना हुआ था उसे पाकिस्तानी एयरस्पेस होते हुए तुर्की पहुंचना था, लेकिन पाकिस्तान ने राहत सामग्री ले जा रहे विमान को अपना एयरस्पेस देने से इनकार कर दिया.
रिपोर्ट के अनुसार तुर्की के एंबेसेडर फिरात सुनेल ने तुर्कीये को सहायता भेजने के लिए भारत को धन्यवाद देते हुए कहा है कि, जरूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है. तुर्कीये ने मुसीबत की घड़ी में साथ देने के लिए भारत की प्रशंसा की है और भारत को अपना सच्चा मित्र बताया है. भारत में तुर्कीये के राजदूत फिरत सुनेल ने भारत सरकार की ओर से इस मदद के लिए धन्यवाद दिया.
बता दें कि 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में तुर्की ने पाकिस्तान की काफी सहायता की. इसके अलावा कश्मीर को लेकर तुर्की हमेशा पाकिस्तान का साथ देता रहा है.
फिरत सुनेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि ‘दोस्त’ तुर्कीये और हिंदी में एक आम शब्द है. हमारे पास एक तुर्कीये कहावत है कि जरूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है. उन्होंने भारत को इस मदद के लिए आभार प्रकट किया है. सोमवार को केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने तुर्कीये के दूतावास का दौरा किया और शोक व्यक्त किया. उन्होंने यहां तुर्की के प्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहानुभूति की जानकारी भी दी.
-भारत एक्सप्रेस
Jammu Rohingya basti: जम्मू के करयानी तालाब इलाके में कथित अवैध बस्ती को लेकर प्रशासन…
TRAI के सर्किलवार आंकड़ों के मुताबिक बिहार में रोजाना करीब 49.1 पेटाबाइट डेटा की खपत…
Singapore Economy History: 1965 में मलेशिया से अलग होकर स्वतंत्र हुए सिंगापुर को ली क्वान…
Aao School Chalen Abhiyan Delhi School Admission: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 'आओ स्कूल चलें' अभियान के…
Pattinapakkam Fishermen Protest: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा पट्टिनापक्कम में ₹1,200 करोड़ के सचिवालय निर्माण…
एशिया कप ट्रॉफी विवाद के बाद सवाल उठ रहा है कि Asian Games 2026 में…