Indian New Year celebration: संस्कार भारती के केंद्रीय कार्यालय कला संकुल में भारतीय नववर्ष प्रतिपदा को बड़े ही कलात्मक अंदाज में मनाया गया. विक्रम संवत 2083 की शुरुआत के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में भारतीय कला और संस्कृति की झलक देखने को मिली.
कथक की अद्भुत प्रस्तुति
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कथक नृत्य रहा. मशहूर कलाकार अक्षर टेकचंदानी और संगीता दस्तीदार ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उनकी लय, ताल और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई को उजागर किया.
मुख्य अतिथि का उद्बोधन
इस अवसर पर संस्कृति अध्ययन केंद्र के निदेशक और गणनांचल पत्रिका के संपादक श्री रवि शंकर जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने भारतीय नववर्ष के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल तिथि नहीं, बल्कि परंपराओं और कला के पुनर्जागरण का अवसर है. उन्होंने भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता पर जोर दिया और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की आवश्यकता बताई.
कलाकारों और अतिथियों की भागीदारी
संध्या में वरिष्ठ नृत्यांगना गीतांजलि लाल, अभिमन्यु लाल सहित कई कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने भाग लिया. सभी ने भारतीय कला और संस्कृति की निरंतरता की सराहना की. कार्यक्रम का संचालन श्रबोनि साहा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन श्रुति सिन्हा ने दिया.
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आयोजन टीम का योगदान
इस आयोजन को सफल बनाने में संस्कार भारती दिल्ली प्रांत के मंचीय कला विभाग संयोजक राज उपाध्याय, दृश्य कला विभाग संयोजक जितेंद्र कुमार, वरिष्ठ रंगकर्मी श्याम कुमार, उद्घोषिका भारती डांग, नृत्यांगना स्नेहा सिंह मुखर्जी, नंदिनी कुमारी, तरुषी सिंह राजोरा, साक्षी शर्मा, लावण्या और नाट्य समीक्षक गरिमा रानी का योगदान सराहनीय रहा. इसके अलावा बृजेश विश्वकर्मा, फोटोग्राफर विजेंदर और नाट्यकर्मी हर्षित गोयल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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-भारत एक्सप्रेस
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